गढ़वा : गढ़वा जिले में एक आदिवासी व्यक्ति रतन लकड़ा की मौत के बाद झारखंड ग्रामीण बैंक पर लगे गंभीर आरोपों के मामले में सीएम हेमंत सोरेन ने स्वत: संज्ञान लिया है। सीएम ने गढ़वा के डीसी को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने और कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
.@dc_garhwa उक्त मामले की शीघ्र जांच कर कड़ी कार्रवाई करते हुए सूचित करें। https://t.co/ySpVV3jx9B
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) July 7, 2026
सीएम ने सोशल मीडिया पर निर्देश जारी करते हुए कहा कि संबंधित मामले की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए और इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
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परिजनों ने बैंक पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक रतन लकड़ा के परिजनों का आरोप है कि उनके खाते में सरकारी पेंशन की राशि आती थी, जिससे उनका इलाज कराया जाना था। लेकिन बैंक की ओर से ई-केवाईसी पूरी नहीं होने का हवाला देकर उन्हें कई महीनों तक बैंक के चक्कर लगवाए गए। परिवार का कहना है कि गंभीर स्थिति में रतन लकड़ा को बैंक ले जाकर ई-केवाईसी भी पूरी कराई गई, लेकिन इसके बाद भी खाते से राशि नहीं मिल सकी। उनका आरोप है कि यदि समय पर पैसे मिल जाते तो इलाज संभव होता और उनकी जान बचाई जा सकती थी। घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव लेकर बैंक पहुंचे और बैंक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरना दिया।
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बैंक ने आरोपों से किया इनकार
दूसरी ओर, झारखंड ग्रामीण बैंक के अधिकारियों ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। बैंक का कहना है कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद किसी भी परिजन ने खाते से राशि निकालने के लिए बैंक से संपर्क नहीं किया, इसलिए भुगतान नहीं हो सका। फिलहाल मामले में परिजनों और बैंक प्रबंधन के दावे अलग-अलग हैं। अब जिला प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रतन लकड़ा की मौत के पीछे किसी प्रकार की लापरवाही थी या नहीं।
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