रांची : झारखंड में अत्याधुनिक चालक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईडीटीआर) की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में राज्य सरकार के परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स के बीच MoU पर हस्ताक्षर किए गए। यह संस्थान जमशेदपुर में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर स्थापित किया जाएगा।
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यह संस्थान जमशेदपुर के मनपीठा मौजा में 11.88 एकड़ भूमि पर विकसित होगा। इसके लिए राज्य सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी। MoU हस्ताक्षर कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, टाटा मोटर्स और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
22.30 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण
आईडीटीआर भवन के निर्माण पर कुल 22.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें झारखंड सरकार का परिवहन विभाग 3.21 करोड़ रुपये, केंद्र सरकार 17 करोड़ रुपये और टाटा मोटर्स 1.82 करोड़ रुपये का योगदान देगा। संस्थान का निर्माण कार्य झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा कराया जाएगा। संस्थान में कुल 30 घंटे का प्रशिक्षण होगा, जिसमें 15 घंटे थ्योरी और 15 घंटे प्रैक्टिकल कक्षाएं संचालित की जाएंगी। यहां 50 पुरुष और 25 महिला प्रशिक्षणार्थियों के लिए छात्रावास एवं मेस की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा एलएमवी और एचएमवी ड्राइविंग सिम्युलेटर, प्राथमिक उपचार, दुर्घटना उपरांत प्रशिक्षण तथा उद्योग आधारित रोजगारोन्मुख चालक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया सरल बनाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में जारी करीब 10 हजार ड्राइविंग लाइसेंसों में से सांकेतिक रूप से कुछ युवाओं को लाइसेंस वितरित किए। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्तों और जिला परिवहन पदाधिकारियों से भी कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पिछले छह-सात वर्षों से इस संस्थान की स्थापना के लिए प्रयासरत थे। उन्होंने कहा कि झारखंड में इस तरह के आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ड्राइविंग लाइसेंस और लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण, लर्निंग लाइसेंस और ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाया जाएगा, ताकि वे कौशल विकास के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स के बीच हुई यह साझेदारी राज्य में सुरक्षित, आधुनिक और दक्ष परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आईडीटीआर की स्थापना से युवाओं को आधुनिक तकनीक और वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा, साथ ही सड़क सुरक्षा, दुर्घटना नियंत्रण और परिवहन क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।



