रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि मध्यप्रदेश में आदिवासी परिवारों, छात्रों और विस्थापितों की पीड़ा को सामने लाने वाले राहुल गांधी के प्रयासों को और झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा आदिवासी भाई बहनों के लिए सम्मान और उनकी विकास करने वाले मुख्यमंत्री को भाजपा द्वारा आदिवासियों को बरगलाने का आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा नेताओं को आरोप लगाने से पहले यह देखना चाहिए कि वह स्वयं आदिवासी समाज के लिए क्या कर रही है।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि बीमारी और सरकारी उपेक्षा के कारण अपने मासूम बच्चों को खो चुके आदिवासी परिवारों के बीच जाकर उनके दुख में सहभागी बनना, उनकी आवाज सुनना और उन्हें यह भरोसा दिलाना कि वे अकेले नहीं हैं, राजनीति नहीं बल्कि मानवीय संवेदना और जिम्मेदारी है। केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों की समस्याएं भी गंभीर हैं।
उन्होंने कहा कि इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ के दौरान आदिवासी छात्रों ने स्कूलों की कमी, बदहाल कॉलेज, छात्रावासों की खराब व्यवस्था, भोजन की समस्या, परीक्षा में कथित अनियमितताओं और आरक्षण के अधिकारों से जुड़े सवाल उठाए हैं। इन वास्तविक समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय भाजपा का हर सवाल को राजनीतिक साजिश बताना आदिवासी समाज की आवाज का अपमान है।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि झारखंड में सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार आदिवासी समाज, गरीबों, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। मंईयां सम्मान योजना सहित जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सम्मान और सहारा देने का प्रयास किया जा रहा है। आदिवासी बच्चों की शिक्षा, छात्रवृत्ति, रोजगार और उनके अधिकारों के लिए भी सरकार लगातार कदम उठा रही है। कांग्रेस और झामुमो की सरकार आदिवासी समाज को अधिकार, सम्मान और भागीदारी देने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि यदि आदिवासी समाज की समस्याओं को उठाना “बरगलाना” है, तो भाजपा बताए कि आदिवासी बच्चों की शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, छात्रावास, विस्थापन और जल-जंगल-जमीन के सवालों पर उसने क्या ठोस काम किया है। केवल बयानबाजी और आरोप लगाने से आदिवासी समाज की समस्याएं खत्म नहीं होंगी।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि आदिवासी समाज देश का मूल निवासी और जल, जंगल, जमीन तथा प्राकृतिक संसाधनों पर अपने अधिकारों के लिए लंबे समय से संघर्षरत रहा है। उनके अधिकारों, सम्मान और संवैधानिक सुरक्षा की लड़ाई को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी।
उन्होंने कहा, आदिवासी भाई-बहनों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। जहां भी उनके साथ अन्याय होगा, कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी। भाजपा को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय पहले अपने काम का हिसाब आदिवासी समाज के सामने रखना चाहिए।





