पटना : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने ₹87,383.43 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन में रखा। बजट में सामाजिक सुरक्षा, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर धन का प्रावधान किया गया है। संविधान के अनुच्छेद-205 के तहत पेश इस अनुपूरक बजट में ₹57,077.96 करोड़ वार्षिक योजनाओं, ₹30,265.99 करोड़ स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय और ₹39.48 करोड़ केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के लिए प्रस्तावित किए गए हैं।
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इन योजनाओं को मिला सबसे ज्यादा आवंटन
केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन के लिए ₹9,335.35 करोड़, मनरेगा के लिए ₹3,342.12 करोड़, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए ₹3,308.69 करोड़, सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए ₹2,780.94 करोड़ और सर्व शिक्षा अभियान के लिए ₹2,732 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राज्य योजनाओं में मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना को सबसे अधिक ₹6,710.93 करोड़ दिए गए हैं। इसके अलावा बड़ी सड़क एवं पुल परियोजनाओं के लिए ₹3,665 करोड़, पटना मेट्रो के लिए ₹952 करोड़, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण के लिए ₹927 करोड़, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क उन्नयन योजना के लिए ₹850.15 करोड़ और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
बिजली सब्सिडी, वेतन और साइबर सुरक्षा पर भी जोर
स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के तहत सरकार ने आकस्मिकता निधि में ₹13,550 करोड़ स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा है। वहीं मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत बिजली सब्सिडी के लिए ₹9,994.34 करोड़, पंचायती राज संस्थाओं को 16वें वित्त आयोग के भुगतान के लिए ₹2,658.16 करोड़ और विभिन्न विभागों के वेतन भुगतान के लिए ₹2,423.47 करोड़ का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं में जनगणना-2021 के लिए ₹36.55 करोड़, उपभोक्ता फोरमों के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹2.30 करोड़ और महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध की रोकथाम के लिए ₹44 लाख का प्रस्ताव रखा गया है।

