लातेहार : झारखंड पुलिस को भाकपा माओवादी संगठन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लातेहार जिले के हेसला गांव से भाकपा माओवादी के रीजनल कमेटी सदस्य और 15 लाख रुपये के इनामी नक्सली रविंद्र गंझू को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ लातेहार, लोहरदगा, गुमला सहित कई जिलों में 50 से अधिक मामले दर्ज हैं।
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पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल लंबे समय से उसकी तलाश में अभियान चला रहे थे। सोमवार दोपहर गुप्त सूचना मिलने के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया और हेसला गांव में घेराबंदी की गई। तलाशी के दौरान रविंद्र गंझू एक घर में छिपा मिला, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
हथियार और कारतूस बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक AK-56 राइफल, एक पिस्टल, कारतूस और अन्य सामग्री बरामद की है। पुलिस टीम उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लातेहार जिला मुख्यालय लेकर पहुंची, जहां उससे पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
2019 के चंदवा हमले में शामिल होने का आरोप
रविंद्र गंझू पर कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहने का आरोप है। 22 नवंबर 2019 को लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र में पुलिस पेट्रोलिंग वाहन पर माओवादियों ने घात लगाकर हमला किया था, जिसमें चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। पुलिस के अनुसार, उस हमले में रविंद्र की सीधी भूमिका थी और घटना के बाद हमलावर फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे।
पलामू में नितेश यादव की तलाश तेज
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी से नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है। वह इस क्षेत्र का प्रमुख सक्रिय कमांडर माना जाता था। अब पलामू क्षेत्र में सक्रिय माओवादी रीजनल कमेटी सदस्य नितेश यादव की तलाश भी तेज कर दी गई है, ताकि पूरे पलामू प्रमंडल को नक्सल मुक्त बनाने के अभियान को आगे बढ़ाया जा सके।




