रांची: अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को आरक्षण और विभिन्न अधिकार देने की मांग को लेकर आज मंगलवार को झारखंड के पांच जिलों में बंद और चक्का जाम का आह्वान किया गया। केंद्रीय पिछड़ी जाति संघर्ष समिति के आह्वान पर रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा में बंद का आयोजन किया गया।
बंद का असर देखने को मिला
अरगोड़ा चौक पर समिति के बड़ी संख्या में समर्थक जुटे और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ओबीसी कॉलम लागू करने और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। सड़क जाम के कारण अरगोड़ा चौक और आसपास के इलाकों में घंटों से लोग जाम में फंसे रहे।
जहां यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से रूट डायवर्ट किया गया इसके बावजूद कई जगहों पर वाहनों की लंबी कतार घंटसो लगी रही। सड़क पर प्रदर्शन जारी रहने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बंद समर्थक अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। जाम की वजह से कई लोगों ने अवनग गणतव्य की ओर आवागमन करने के लिए गली, माेहल्लाें की सड़को से आवागमन करते देखे गए।
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सरकारी नौकरियों में OBC आरक्षण की मांगसमिति की प्रमुख मांगों में सरकारी नौकरियों में OBC को आरक्षण देना शामिल है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि पिछड़े वर्ग को सरकारी नियुक्तियों में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। कुछ जिलों में जिला स्तरीय नियुक्तियों के आरक्षण रोस्टर में OBC और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण को लेकर भी आपत्ति जताई गई है।
जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम की मांग
आंदोलनकारियों की दूसरी प्रमुख मांग जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम शामिल करने की है। समिति का कहना है कि इससे पिछड़ा वर्ग की वास्तविक आबादी का आंकड़ा सामने आ सकेगा। संगठन इसी आंकड़े के आधार पर नीतियों और अधिकारों से जुड़े फैसले किए जाने की मांग कर रहा है।राजनीतिक भागीदारी और PESA के तहत अधिकार ।
OBC संगठनों की ओर से राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। इसके अलावा पेसा कानून के तहत अधिकार देने की मांग को भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया है। समिति का कहना है कि पिछड़े वर्ग को सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
गुमला और खूंटी में सड़क पर दिखा असर
बंद के दौरान गुमला में कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की खबर सामने आई। सड़क जाम के कारण वाहनों की कतारें लगीं और बाजारों में भी बंद का असर देखने को मिला।
खूंटी में भी बंद समर्थक सड़कों पर उतरे। रिपोर्ट के अनुसार कई दुकानें बंद रहीं और बंद समर्थकों ने हूटार चौक के पास NH-20 तथा नेताजी चौक पर आवागमन बाधित किया।
आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी
समिति ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा। संगठन की ओर से बंद को अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन का हिस्सा बताया गया है। बंद के बाद 7 अक्टूबर को एक दिवसीय सांकेतिक धरने का भी आह्वान किया है।
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