प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विजयी यादव की पत्नी अपने मायके गई थी. घर में उनकी बेटी और पड़ोस में रहने वाले अशोक यादव की बेटी दोनों साथ में सो रही थीं। इसी दौरान बलिराजगढ़ की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एक एएसआई गलत इरादे से चुपके से घर के भीतर घुस गया।

पड़ोस की एक महिला को पता चला तो उसने तुरंत कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और शोर मचाना शुरू कर दिया। महिला की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। लोगों की भीड़ देखकर आरोपी एएसआई ने अपनी सरकारी राइफल निकाली और खिड़की से बाहर खड़े लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एएसआई ने करीब 5 से 6 राउंड गोलियां चलाई, जिसमें दो गोली अशोक यादव को लगी। एक गोली सीने में और दूसरी पैर में लगने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।  इसके अलावा फूलो देवी नाम की एक महिला को पेट में गोली लगी, उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं विजेंद्र यादव नाम के व्यक्ति को कमर में और धनिक लाल यादव को पैर में गोली लगी है, जिनका इलाज चल रहा है।

अंधेरे में फरार हुआ आरोपी

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी एएसआई रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से आसानी से फरार हो गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद अशोक यादव को मृत घोषित कर दिया. वहीं अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

एसपी ने संभाली कमान

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मधुबनी एसपी खुद बाबूबरही थाना में कैंप कर रहे हैं। पुलिस आरोपी एएसआई की गिरफ्तार के लिए संभावित ठिकानों छापेमारी कर रही है।  साथ ही मामले की जांच भी जारी है।

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