रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि आज छात्रों द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों द्वारा हिंसक रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन वे अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र पिछले 14 दिनों से अपने अधिकार, भविष्य और न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं और इस दौरान सरकार एवं प्रशासन ने जिस संवेदनशीलता का परिचय दिया है, उसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि सरकार और प्रशासन ने आंदोलनरत छात्रों के साथ किसी भी प्रकार की मानवीय संवेदनहीनता या बर्बर कार्रवाई नहीं की। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ जिस तरह की बर्बर कार्रवाई की गई, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था और देश के लिए एक काला अध्याय था। इसके विपरीत झारखंड में पिछले 14 दिनों से आंदोलनरत छात्रों के साथ रांची सहित पूरे झारखंड के लोग सहानुभूति के साथ खड़े हैं और उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन को भी छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनसे संवाद का रास्ता अपनाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता, संवाद और न्यायपूर्ण कार्रवाई के माध्यम से ही संभव है।
आलोक कुमार दूबे ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान बीमार हुए छात्र को देखने के लिए स्वास्थ्य मंत्री स्वयं अस्पताल पहुंचे और उसकी स्थिति की जानकारी ली। यह संवेदनशील सरकार और जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का सकारात्मक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा और संघ के लोग लगातार राहुल गांधी से छात्रों के आंदोलन पर बयान देने और समर्थन की मांग कर रहे थे, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अपने अधिकारों और न्याय के लिए आवाज उठा रहे छात्रों एवं युवाओं के आंदोलनों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों के साथ भी कांग्रेस की प्रतिबद्धता दोहराई है।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि छात्रों के भविष्य और उनके अधिकारों के सवाल पर कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले में पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को राजनीतिक रंग देने और उसे हिंसक बनाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से भी अपील की कि वे शांति और संयम बनाए रखें तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को मजबूती से उठाते रहें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से छात्रों की समस्याओं का न्यायपूर्ण समाधान निकलेगा।



