रांची : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली का मुद्दा हावी रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने यह मामला उठाते हुए कहा कि राज्य के युवा और छात्र बारिश के बीच सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हैं। मरांडी ने आरोप लगाया कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं, इसलिए राज्य सरकार को युवाओं के भविष्य को देखते हुए इनकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से करानी चाहिए।
सत्ता पक्ष का जवाब और वेल में विपक्षी विधायकों का हंगामा
इस पर जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अनुपूरक बजट पेश होने के बाद पर्याप्त समय रहेगा, जहाँ इस मुद्दे पर चर्चा कराई जा सकती है। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने भी कहा कि सरकार छात्रों के हित में खड़ी है और विपक्ष केवल हंगामा कर रहा है। हालांकि, बहस के बीच भाजपा और विपक्षी दल के विधायक वेल में पहुँच गए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे।
लगातार हंगामे के चलते सोमवार तक कार्यवाही स्थगित
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सदस्यों से शांति बनाए रखने और प्रश्नकाल व कृषि संबंधी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चलने देने की अपील की। विपक्ष का हंगामा थमते न देख अध्यक्ष ने पहले दोपहर 12:30 बजे तक और फिर दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर शून्यकाल की सूचनाओं को पटल पर रखवाकर सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।









