नई दिल्ली : नीट परीक्षा विवाद और उससे जुड़े आंदोलनों के बाद अब सोशल मीडिया पर एक नया अभियान चर्चा में है। ‘E20 जनता पार्टी’ नाम से चल रहे इस अभियान ने देशभर के पेट्रोल पंपों पर E20 ईंधन के साथ 100 फीसदी शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। यह अभियान खुद को किसी राजनीतिक दल के बजाय उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा नागरिक अभियान बताता है।
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क्या है E20 जनता पार्टी?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संचालित इस अभियान का कहना है कि ईंधन नीति में पारदर्शिता, सही जानकारी और उपभोक्ताओं की पसंद का सम्मान होना चाहिए। अभियान का दावा है कि जैसे अन्य उत्पादों में ग्राहकों को विकल्प मिलता है, उसी तरह पेट्रोल खरीदते समय भी उन्हें अपनी आवश्यकता के अनुसार ईंधन चुनने का अधिकार मिलना चाहिए।
🇮🇳 One demand. One voice.
— E20 JANTA PARTY (@E20Party) July 26, 2026
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क्या हैं प्रमुख मांगें?
E20 जनता पार्टी की मुख्य मांग है कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल के साथ-साथ 100 फीसदी शुद्ध पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाए। अभियान का कहना है कि वह न तो E20 पेट्रोल का विरोध कर रहा है और न ही किसी प्रकार की सब्सिडी या सरकारी नीति समाप्त करने की मांग कर रहा है। उसकी मांग केवल उपभोक्ताओं को विकल्प उपलब्ध कराने की है। अभियान से जुड़े पोस्ट में यह भी कहा गया है कि कई वाहन मालिकों ने E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज, इंजन की कार्यक्षमता और रखरखाव लागत को लेकर चिंताएं जताई हैं। इसी वजह से अभियान ईंधन के प्रभाव, इंजन की स्थिति, प्रदूषण, माइलेज और मेंटेनेंस लागत पर स्वतंत्र अध्ययन कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग कर रहा है।
CJP से क्यों हो रही तुलना?
E20 जनता पार्टी की कार्यशैली की तुलना सोशल मीडिया पर पहले चर्चा में रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अभियान से की जा रही है। CJP ने भी व्यंग्य और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी पहचान बनाई थी और बाद में नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में आया था। इसी तरह E20 जनता पार्टी भी सोशल मीडिया पोस्ट, मीम्स और व्यंग्यात्मक संदेशों के माध्यम से लोगों का समर्थन जुटाने का प्रयास कर रही है। अभियान ने एक वायरल पोस्ट साझा करते हुए लोगों से ईंधन के विकल्प को लेकर अपनी आवाज उठाने की अपील की है। हालांकि, यह अभियान फिलहाल सोशल मीडिया आधारित नागरिक पहल के रूप में सामने आया है और इसकी ओर से उठाई गई मांगों पर सरकार या संबंधित अधिकारियों की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




