रांची/ जमशेदपुर: भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में विश्व एथलेटिक्स के उपाध्यक्ष आदिले सुमरिवाला ने वैश्विक संस्था के अध्यक्ष पद के लिए अपनी आधिकारिक दावेदारी पेश कर दी है।
यदि वह अगले वर्ष होने वाले इस प्रतिष्ठित चुनाव में विजयी होते हैं, तो दुनिया के सबसे बड़े ओलंपिक खेल महासंघ की कमान संभालने वाले पहले भारतीय और पहले एशियाई प्रशासक बनकर इतिहास रचेंगे।
जमशेदपुर और टाटा स्टील से पुराना नाता
1980 के मास्को ओलंपिक में 100 मीटर स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके आदिल का जमशेदपुर और टाटा स्टील से गहरा जुड़ाव रहा है।
उन्होंने 1980 के दशक से लगभग 15 वर्षों तक टाटा समूह में वरिष्ठ प्रबंधन पदों पर अपनी सेवाएं दीं। जमशेदपुर में प्रवास के दौरान वह जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की खेल गतिविधियों और टाटा एथलेटिक्स एकेडमी को मजबूत करने में सक्रिय रहे।
आदिल हमेशा से यह स्वीकार करते आए हैं कि भारतीय एथलेटिक्स को नई बुलंदियों पर पहुंचाने में जमशेदपुर का योगदान अतुलनीय है।
35 से अधिक वर्षों का प्रशासनिक अनुभव
राष्ट्रीय स्तर पर 11 बार 100 मीटर चैंपियन रहे आदिले के पास खेल प्रशासन का 35 से अधिक वर्षों का वृहद अनुभव है। उन्होंने जिला (1990-2000), राज्य (2000-2010) और राष्ट्रीय स्तर (2010 के बाद) पर सफल प्रशासनिक कार्य किया है। AFI अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान ही भारत ने एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 29 पदक जीते और टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक हासिल किया।
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कॉर्पोरेट और मीडिया प्रबंधन का बेहतरीन अनुभव रखने वाले आदिले का मुख्य लक्ष्य डायमंड लीग का विस्तार करना है। उनकी इस ऐतिहासिक दावेदारी से पूरे देश और जमशेदपुर के खेल जगत में उत्साह की लहर है।
एथलेटिक्स में नए राजस्व स्रोत बनाना और एशिया, अफ्रीका व ओशिनिया जैसे क्षेत्रों के छोटे देशों में खेल का ढांचा मजबूत करना है।




