पलामू : झारखंड के पलामू जिले में सोशल मीडिया पर फॉलोअर बढ़ाने और इलाकों में दबदबा कायम करने के लिए हथियारों के साथ फोटो व रील्स अपलोड करने वाले Gen-Z युवाओं पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मार्च 2026 के बाद से पलामू पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें डाली थीं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी है। अगस्त 2026 के पहले सप्ताह में पलामू पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ ‘ऑपरेशन सफाया’ शुरू किया। इस अभियान के तहत पुलिस ने 851 संदिग्ध लोगों की सूची तैयार की है और अब तक 29 से अधिक अवैध हथियार बरामद किए जा चुके हैं।
जांच में सामने आया है कि कम उम्र के युवा सिर्फ दबदबा बनाने के लिए हथियार खरीद रहे हैं या फिर शोऑफ के लिए नकली हथियारों का सहारा ले रहे हैं।
केस स्टडी: रील्स और शोऑफ के चक्कर में पहुंचे जेल
केस 01: जुलाई 2026 में सदर थाना क्षेत्र के चियांकि फ्लाईओवर के पास पुलिस ने हथियार के साथ रील्स बना रहे दो युवकों और एक नाबालिग को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों में कुंदन कुमार रजक (19 वर्ष) और रविंद्र कुमार रजक (18 वर्ष) शामिल हैं। इनके पास से एक देसी कट्टा बरामद हुआ, जिसे इन्होंने दबदबा बनाने और रील्स के लिए खरीदा था।
केस 02: जून 2026 में हरिहरगंज के सरसोत गांव से अभय कुमार को गिरफ्तार किया गया। अभय ने दोनों हाथों में हथियार लेकर फोटो खिंचवाई और दोस्तों को भेजी थी। पुलिस ने उसके पास से दो हथियार जब्त किए।
केस 03: 23 अगस्त 2026 को पाटन थाना क्षेत्र से वॉल पुट्टी मिस्त्री करण कुमार को पकड़ा गया। प्रतिदिन मात्र 500 रुपये कमाने वाले करण ने गोतिया पर दबदबा बनाने और शोऑफ के लिए 10 हजार रुपये में देसी कट्टा खरीदा था।
करियर हो सकता है बर्बाद, एसपी की अपील
पलामू पुलिस ने साफ किया है कि अवैध हथियार रखने या फोटो अपलोड करने पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज होगा। आर्म्स एक्ट के मुकदमों में दो साल की कैद से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है, जो करियर में बड़ी बाधा बन सकती है।
“सोशल मीडिया पर हथियार का फोटो अपलोड कर शोऑफ करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हथियार का शोऑफ करना बेहद गंभीर मामला है। इसमें जेल भी हो सकती है और सजा भी। पुलिस लगातार अपील कर रही है कि युवा सोशल मीडिया का इस्तेमाल अच्छी चीजों के लिए करें, नकारात्मक चीजों के लिए नहीं। कई बार शोऑफ के लिए नकली हथियार का फोटो भी डाला गया है।”
— कपिल चौधरी, एसपी, पलामू
अवैध हथियारों की सूचना देने पर इनाम
पलामू पुलिस ने अवैध हथियारों की जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणा की है। ऑटोमेटिक हथियार की सूचना देने पर 15 हजार रुपये, देसी कट्टा पर 5 हजार रुपये और बड़े हथियारों की जानकारी देने पर 20 हजार रुपये से अधिक का इनाम दिया जाएगा।
पलामू में हथियारों का नेटवर्क और तस्करी
पलामू क्षेत्र में बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के हथियार तस्करों का नेटवर्क सक्रिय है। आपराधिक गिरोह ऑटोमेटिक हथियारों का उपयोग करते हैं, जबकि स्थानीय लोग दबदबा बनाने के लिए देसी कट्टे का इस्तेमाल करते हैं।
अप्रैल 2024 में पलामू पुलिस ने 12 देसी कट्टे और एक कार्बाइन समेत कई हथियार बरामद किए थे। तस्करों द्वारा देसी कट्टा 4,000 से 5,000 रुपये में और ऑटोमेटिक पिस्तौल 50,000 से 2 लाख रुपये तक में उपलब्ध कराई जा रही थी।
पलामू, गढ़वा और लातेहार में स्थानीय स्तर पर भी हथियार बनाए जाते हैं। पुलिस ने अक्टूबर 2022 और जनवरी 2023 (नावाबाजार) में अवैध हथियार फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया था, जहाँ लोहे के बर्तन (तवा व कड़ाही) से देसी कट्टे बनाए जा रहे थे।
बरामदगी के आंकड़े :
- 2022: 24 देसी कट्टे
- 2023: 23 देसी कट्टे
- 2024: 48 हथियार (22 देसी कट्टे)
- 2025: 25 देसी कट्टे
- 2026 (अब तक): 20 से अधिक देसी कट्टे


