रांची : झारखंड पुलिस में वर्ष 1994 में दारोगा के पद पर बहाल हुए अधिकारियों की सेवानिवृत्ति का सिलसिला जारी है। सोमवार को इस बैच के पांच और वरिष्ठ अधिकारी सेवामुक्त हो गए। इसके साथ ही इस वर्ष 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच आठ महीनों के भीतर 1994 बैच के कुल 40 अधिकारी (15 डीएसपी और 25 पुलिस इंस्पेक्टर) रिटायर हो चुके हैं।
Read More : सितंबर 2026 में जन्माष्टमी से पितृपक्ष तक पड़ेंगे ये बड़े पर्व
31 अगस्त को सेवानिवृत्त हुए ये अधिकारी
सोमवार को सेवानिवृत्त होने वाले पदाधिकारियों में दो डीएसपी बैजू उरांव और राजेश कुमार के अलावा तीन पुलिस इंस्पेक्टर – रमेश कुमार सिंह, आशुतोष प्रताप नारायण और अशोक कुमार सिंह शामिल हैं। सेवानिवृत्त हुए डीएसपी बैजू उरांव वर्तमान में गुमला जिले में पदस्थापित थे, जबकि अन्य अधिकारी भी राज्य के विभिन्न जिलों में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
राज्य में गहराया पुलिस बल का संकट, वर्कलोड बढ़ा
वरिष्ठ और अनुभवी पुलिस अधिकारियों की लगातार सेवानिवृत्ति से राज्य की विधि-व्यवस्था संभालने वाले महत्वपूर्ण पदों पर रिक्तियां बढ़ गई हैं। झारखंड में सिपाहियों और कनीय पुलिस पदाधिकारियों की कमी पहले से ही बनी हुई है, जिसके कारण पेट्रोलिंग वाहनों में मानक के अनुरूप बल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। बल की कमी का सीधा असर पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है। जवानों और अधिकारियों को प्रतिदिन 12-12 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है और उन्हें साप्ताहिक अवकाश तक नहीं मिल पा रहा है।
1 जनवरी से 31 अगस्त 2026 तक सेवानिवृत्त अधिकारियों का ब्योरा :
31 जनवरी: 16 अधिकारी (डीएसपी सिप्रियन बागे, डीएसपी अखिलेश्वर प्रसाद मंडल, डीएसपी शैलेश प्रसाद, डीएसपी सरोज कुमार सिंह, डीएसपी विनोद उरांव, इंस्पेक्टर संजय कुमार, राजीव रंजन-1, प्रदीप चौधरी, सुमन कुमार सिन्हा, विश्वनाथ सिंह, बंधन भगत, परमानंद बिरुवा, प्रभु सहाय एक्का, प्रदीप कुमार महतो, कृष्ण कुमार साहू और सकलदीप सिंह)।
28 फरवरी: 3 अधिकारी (डीएसपी अनूप बी. केरकेट्टा, इंस्पेक्टर किशुन दास और रामेश्वर राम)।
31 मार्च: 3 अधिकारी (डीएसपी बीरेंद्र बाड़ा, इंस्पेक्टर सत्यम कुमार और कमलेश कुमार)।
31 मई: 5 अधिकारी (डीएसपी रतिभान सिंह, डीएसपी सुधीर प्रसाद साहू, डीएसपी अजय कुमार, इंस्पेक्टर मनोज कुमार गुप्ता और फ्रांसिस जेवियर बाड़ा)।
30 जून: 5 अधिकारी (डीएसपी कुलदीप टोप्पो, इंस्पेक्टर रंजीत सिन्हा, सुधीर पोद्दार, नंद किशोर साह और रामाकांत ओझा)।
31 जुलाई: 3 अधिकारी (डीएसपी मंजू कश्यप, इंस्पेक्टर शिव गोप और विष्णु देव चौधरी)।
31 अगस्त: 5 अधिकारी (डीएसपी बैजू उरांव, डीएसपी राजेश कुमार, इंस्पेक्टर रमेश कुमार सिंह, आशुतोष प्रताप नारायण और अशोक कुमार सिंह)।




