दुमका में जहरीले फल के बीज खाने से एक दर्जन बच्चे बीमार, छह को मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर

दुमका : झारखंड के दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र स्थित खाड़ुकदमा गांव में जहरीले फल के बीज खाने से करीब एक दर्जन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सभी बच्चों को पहले शिकारीपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। इनमें से छह बच्चों की

जहरीले फल

दुमका : झारखंड के दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र स्थित खाड़ुकदमा गांव में जहरीले फल के बीज खाने से करीब एक दर्जन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सभी बच्चों को पहले शिकारीपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। इनमें से छह बच्चों की हालत अधिक बिगड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए दुमका स्थित फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं।

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मिली जानकारी के अनुसार खाड़ुकदमा गांव के बच्चे खेल-खेल में जहरीले फल के बीज खा बैठे, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक खराब होने लगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के दौरान छह बच्चों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

काजू का फल समझकर खा लिया बीज

परिजनों ने बताया कि सभी बच्चे स्कूल से लौट रहे थे। रास्ते में उन्होंने जहरीले फल को काजू का फल समझकर तोड़ लिया और उसके अंदर का बीज खा लिया। बीज खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को पेट दर्द, शरीर में ऐंठन और बेचैनी की शिकायत होने लगी। कुछ बच्चे अर्धबेहोशी की हालत में घर पहुंचते ही गिर पड़े। इसके बाद परिजनों ने सभी बच्चों को आनन-फानन में शिकारीपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां से छह बच्चों को बेहतर इलाज के लिए फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।

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डॉक्टरों ने बताया खतरे से बाहर

बीमार बच्चों में अमीनुल अंसारी (8 वर्ष), शहनबाज अंसारी (7 वर्ष), जुनेद अंसारी (5 वर्ष), मो. वसीर आलम (8 वर्ष) और रिजवान अंसारी (8 वर्ष) शामिल हैं। अन्य बच्चों का इलाज शिकारीपाड़ा के अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि सभी बच्चों को आवश्यक दवाएं दी गई हैं। फिलहाल सभी की स्थिति खतरे से बाहर है, हालांकि एहतियात के तौर पर उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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