रांची : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के दिशा-निर्देश और न्यायायुक्त रांची अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची द्वारा शनिवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के साथ बंदियों को कानूनी अधिकारों और सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था।
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जेल अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों से जुड़े सात बंदियों के आवेदन प्रस्तुत किए गए। सुनवाई के बाद दो बंदियों को जेल अदालत का लाभ मिला और वे कारामुक्त हुए।
स्वास्थ्य जांच और भोजन की गुणवत्ता की हुई जांच
कार्यक्रम के दौरान डालसा की ओर से निःशुल्क चिकित्सा जांच शिविर भी लगाया गया, जिसमें बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की गई। साथ ही मौजूद न्यायिक अधिकारियों ने बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। डालसा सचिव राकेश रौशन ने स्वयं भोजन का स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच की और संबंधित अधिकारियों को कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर चिकित्सा शिविर आयोजित करने और बंदियों के भोजन में स्वच्छता एवं गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
बंदियों को दी गई कानूनी जानकारी
जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर में बंदियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली कानूनी सहायता और सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में डालसा सचिव राकेश रौशन, न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह, प्रशांत कुमार वर्मा, रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी बिजय कुमार यादव, एलएडीसी चीफ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, एलएडीसी सहायक पंकज कुमार शर्मा, अनुप कुमार कटियार, सौरभ पांडे, स्वीकृति विनाया, अभिलाषा सिन्हा, पीएलवी भूप्रताप महतो, गणेश कुमार, सिकंदर मुंडा, काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर, कारापाल लवकुश कुमार, बड़ा बाबू मो. सद्दाम हुसैन, काराकर्मी तथा बंदी उपस्थित रहे।




