रांची में सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण का समापन, ग्रामीणों को मिला मार्गदर्शन

रांची : मुकदमा-मुक्त ग्रामीण भारत के सपने को साकार करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘सामुदायिक मध्यस्थता’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को समापन हो गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायामूर्ति

प्रशिक्षण

रांची : मुकदमा-मुक्त ग्रामीण भारत के सपने को साकार करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘सामुदायिक मध्यस्थता’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को समापन हो गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायामूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देशों, झालसा सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना और न्यायायुक्त रांची श्री अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

चार सत्रों में दिए गए मध्यस्थता और विवाद निपटारे के व्यावहारिक गुर

रांची व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित अंतिम दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम को चार महत्वपूर्ण तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया था :

  • प्रथम सत्र : मध्यस्थ प्रकाश चंद्र उरांव और सुश्री दिपाली ओझा ने मध्यस्थता के लिए प्रभावी संवाद तकनीकों, एकीकृत संवाद और रुचि-आधारित मध्यस्थता (Interest-based mediation) के सिद्धांतों से अवगत कराया।

  • द्वितीय सत्र : मध्यस्थ निर्मल रंजन और सुश्री ममता चौधरी ने मध्यस्थता के दौरान उत्पन्न होने वाले गतिरोधों (Deadlock), उनके कारणों, समाधान की रणनीतियों और रोल-प्ले (Role-play) के जरिए व्यावहारिक जानकारी दी।

  • तृतीय सत्र : मध्यस्थ संजय कुमार शर्मा ने सामुदायिक मध्यस्थता में नैतिक मूल्यों, निष्पक्षता, गोपनीयता की अनिवार्यता और मध्यस्थता की कानूनी सीमाओं पर प्रकाश डाला।

  • चतुर्थ सत्र : मध्यस्थ ममता श्रीवास्तव और मनीषा रानी ने सफल मध्यस्थता के बाद समझौता पत्र (Drafting Agreements) तैयार करने और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया समझाई।

गांवों और पंचायतों में विवाद सुलझाएंगे प्रशिक्षित PLV और ग्रामीण

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पैरा लीगल वालंटियर्स (PLV) और गांवों व पंचायतों से आए गणमान्य लोगों को इस योग्य बनाना है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में होने वाले छोटे-मोटे आपसी विवादों को कोर्ट-कचहरी तक ले जाने के बजाय आपसी बातचीत और समझौते के जरिए सुलझा सकें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मुकदमों का बोझ कम होगा और सामाजिक सौहार्द बना रहेगा।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद रहे ये पदाधिकारी

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डिप्टी चीफ LADCS राजेश कुमार सिन्हा द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर सहायक LADCS पंकज कुमार शर्मा, अनुप कुमार, ट्रेनर मध्यस्थगण, डालसा के कर्मचारी, विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से पहुंचे जन प्रतिनिधि व PLV बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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