रांची : झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में व्याप्त अनियमितताओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर सोमवार को विधानसभा घेराव करने पहुंचे अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई की ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU) ने तीखी भर्त्सना की है। आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं राज्य के पूर्व डिप्टी सुदेश कुमार महतो ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोलों और वाटर कैनन के इस्तेमाल को सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों और सुरक्षित भविष्य की मांग कर रहे युवा कोई अपराधी नहीं हैं। जिन हाथों में किताब, कलम और नियुक्ति पत्र होना चाहिए, उन पर लाठी चलाना सरकार की गिरती साख को दर्शाता है।
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कंटीले तारों की बैरिकेडिंग के बावजूद युवाओं की पहुंच आक्रोश का सबूत
सुदेश कुमार महतो ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए जिस तरह से कंटीले तारों से बैरिकेडिंग की गई, उसके बावजूद हजारों की संख्या में युवाओं का नए विधानसभा भवन के करीब पहुंच जाना यह साबित करता है कि झारखंड के युवाओं में राज्य सरकार के प्रति असंतोष किस कदर बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि लाठियों और पानी की बौछारों से युवाओं के सवालों को दबाया जा सकता है, लेकिन उनके भीतर धधक रहे आक्रोश को शांत नहीं किया जा सकता। सरकार को पुलिस बल के पीछे छिपने के बजाय खुद अभ्यर्थियों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए।
विवादित प्रक्रियाओं की समीक्षा और जवाबदेही तय करने की मांग
आजसू अध्यक्ष ने राज्य सरकार से प्रमुख रूप से तीन मांगें रखी हैं:
निष्पक्ष समीक्षा: JPSC एवं JSSC से जुड़ी सभी विवादित भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच व समीक्षा कराई जाए।
समयबद्ध कार्यक्रम: सभी लंबित नियुक्तियों के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध (Time-bound) कैलेंडर जारी किया जाए।
कार्रवाई व जवाबदेही: शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए अत्यधिक बल प्रयोग के लिए जिम्मेदारों की जवाबदेही तय हो।
पूरे झारखंड में व्यापक जनआंदोलन की दी चेतावनी
सुदेश कुमार महतो ने हेमंत सोरेन सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं के धैर्य की परीक्षा लेना बंद किया जाए। यदि समय रहते उनकी जायज मांगों पर कोई ठोस और दूरगामी निर्णय नहीं लिया गया, तो यह गुस्सा केवल राजधानी रांची तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में पूरे झारखंड में एक व्यापक जनआंदोलन का रूप धारण कर लेगा। झारखंड के युवा अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।




