रांची : रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शुक्रवार को अपने केंद्रीय कार्यालय में MMDR विधेयक-2026 को लेकर पत्रकार वार्ता की। उन्होंने विधेयक को झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्यों की तकदीर और तस्वीर बदलने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा के उपयोग को लेकर राजनीति नहीं, बल्कि ठोस नीति की जरूरत है। संजय सेठ ने कहा कि विपक्ष विधेयक को लेकर भ्रम फैला रहा है, जबकि राज्यों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। उनके मुताबिक, खनिज राजस्व का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पहले की तरह राज्यों को मिलता रहेगा। इससे राज्यों की आय बढ़ेगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
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अवैध खनन और खनिज चोरी पर जीरो टॉलरेंस
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि MMDR विधेयक-2026 का एक महत्वपूर्ण प्रभाव अवैध खनन और खनिज चोरी पर प्रभावी रोक के रूप में सामने आएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत खनिज संपदा की चोरी रोकना जरूरी है। संजय सेठ के अनुसार, जितना अधिक वैध खनन बढ़ेगा और अवैध खनन पर रोक लगेगी, उतना ही अधिक राजस्व सरकार को मिलेगा। इससे विकास कार्यों को भी तेजी मिलेगी।
संजय सेठ ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले राज्य को खनिज क्षेत्र से करीब 4,662 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था। वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर लगभग 33,494 करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने इसे करीब 618 प्रतिशत की वृद्धि बताया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं है, बल्कि पारदर्शी, स्थिर और प्रिडिक्टेबल टैक्स सिस्टम तैयार करना भी है। इससे निवेश और उत्पादन बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
खनिज संपदा पर राजनीति नहीं, नीति की जरूरत
संजय सेठ ने कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद देश को बड़े पैमाने पर कोयला आयात करना पड़ता है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत में पर्याप्त कोयला संसाधन मौजूद हैं और खनन को गति देकर देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र के विस्तार का लाभ केवल सरकारी राजस्व तक सीमित नहीं रहेगा। इससे परिवहन, उद्योग, व्यापार, सेवा क्षेत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा।
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में राज्य में खनन परियोजनाओं की नीलामी के बावजूद कई परियोजनाएं समय पर ऑपरेशनल नहीं हो सकीं। उन्होंने कहा कि सिंहभूम के विजया-2 प्रोजेक्ट को नौ महीने तक लीज नहीं मिलने से राज्य को करीब 400 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि झारखंड के पास पर्याप्त खनिज संपदा होने के बावजूद प्रक्रियाओं में देरी और अनावश्यक अड़चनों के कारण राज्य का राजस्व और रोजगार क्यों रोका जाए। संजय सेठ ने कहा, “झारखंड को खनिज चाहिए, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है कि झारखंड को खनिज से मिलने वाला पूरा लाभ मिले। अवैध खनन और प्रशासनिक देरी दोनों पर कठोरता से रोक लगानी होगी।”
खनिज चोरी के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का दावा
संजय सेठ ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई है और नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का अगला बड़ा संकल्प खनिज चोरी और अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाकर खनिज संपदा का पूरा लाभ जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने MMDR विधेयक को केवल खनन क्षेत्र से जुड़ा कानून नहीं, बल्कि राज्यों को अधिक स्वावलंबी बनाने, अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
उन्होंने कहा, “गांव-गांव विकास, युवाओं को रोजगार, राज्यों का बढ़ता राजस्व और देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता—MMDR विधेयक-2026 इन सभी लक्ष्यों को एक साथ आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगा।” रक्षा राज्य मंत्री ने विपक्ष से विधेयक के प्रावधानों को समझने और राज्यों तथा देश के हित में इसका समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा भारत की ताकत है और इसे चोरी, भ्रष्टाचार तथा लालफीताशाही की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा।








