नई दिल्ली : दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले में आरोपी पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी है। दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बुधवार को समाप्त हो रही थी, जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया। इस मामले में 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की विभिन्न धाराओं के तहत जांच शुरू की।
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पेपर लीक के बाद दोबारा हुई थी परीक्षा
3 मई को आयोजित नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और जांच जारी है।
कई राज्यों से हुई थीं गिरफ्तारियां
जांच के दौरान आरोप सामने आया कि मनीषा वाघमारे ने धनंजय लोखंडे को नीट का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। इसके बाद धनंजय लोखंडे ने यह प्रश्नपत्र शुभम खैरनार को दिया। इससे पहले 14 मई को अदालत ने पांच आरोपियों को सात दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा था। इनमें नासिक के शुभम खैरनार, जयपुर के मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और गुरुग्राम के यश यादव शामिल थे। शुभम खैरनार को 13 मई को मुंबई से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया था।
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