5 वर्ष से अधिक आयु के कर्मियों की छंटनी पर लगी रोक, ऊर्जा विकास श्रमिक संघ की पहल रंग लाई: अजय राय

रांची। झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, जेएसएससी तथा अन्य विभागों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियों के दावे कर रही है और अपनी उपलब्धियों का प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर

रांची। झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, जेएसएससी तथा अन्य विभागों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियों के दावे कर रही है और अपनी उपलब्धियों का प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा विभाग में वर्षों से कार्यरत अनुभवी मानव दिवस कर्मियों की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने इसे श्रमिक विरोधी और अमानवीय कदम बताते हुए कहा कि 25 से 30 वर्षों तक अपनी पूरी युवावस्था ऊर्जा निगम की सेवा में समर्पित करने वाले कर्मियों को केवल आयु के आधार पर हटाने का प्रयास हजारों परिवारों के भविष्य के साथ अन्याय है।

इसी गंभीर विषय को लेकर ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने विद्युत आपूर्ति क्षेत्र, रांची के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार से मुलाकात कर एजेंसी द्वारा जारी नोटिस एवं टेंडर की तकनीकी और कानूनी विसंगतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने महाप्रबंधक को पूरे मामले की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया तथा स्पष्ट किया कि वर्तमान में कार्यरत कर्मियों को केवल 45 वर्ष की आयु पार करने के आधार पर सेवा से हटाने का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है।

बैठक के दौरान महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने सकारात्मक पहल करते हुए JMD एजेंसी से तत्काल वार्ता की और विवादित नोटिस पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया। साथ ही इस पूरे मामले पर निगम मुख्यालय से विधिक एवं प्रशासनिक मंतव्य प्राप्त करने का आश्वासन दिया।

बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी
JMD एजेंसी द्वारा जारी उस सूची एवं नोटिस पर तत्काल रोक लगा दी गई, जिसमें 45 वर्ष से अधिक आयु के कार्यरत मानव दिवस कर्मियों को कार्य से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

यह स्पष्ट किया गया कि 18 से 45 वर्ष की आयु सीमा केवल नई नियुक्ति के लिए लागू होती है। कार्यरत कर्मियों के 45 वर्ष की आयु पार करने के बाद उन्हें सेवा से हटाने का कोई नियम राज्य सरकार अथवा निगम द्वारा आज तक लागू नहीं किया गया है।
अजय राय ने महाप्रबंधक को उमा देवी बनाम कर्नाटक सरकार के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का भी उल्लेख करते हुए बताया कि लंबे समय से नियमित रूप से कार्य कर रहे कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए उचित नीति बनाई जानी चाहिए। इस पर महाप्रबंधक ने आश्वासन दिया कि इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर निगम मुख्यालय को भेजा जाएगा।

अजय राय ने कहा कि ऊर्जा विकास श्रमिक संघ किसी भी परिस्थिति में वर्षों से कार्यरत श्रमिकों के साथ अन्याय नहीं होने देगा। यदि भविष्य में पुनः इस प्रकार की कार्रवाई का प्रयास किया गया तो संघ लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *