रांची : रांची जिला ई-रिक्शा चालक यूनियन के चालक सदस्यों की बैठक शुक्रवार को लाइन टैंक रोड स्थित ड्यूक मेंशन कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के जिला अध्यक्ष दिनेश सोनी ने की। बैठक में ई-रिक्शा चालकों की समस्याओं, यातायात प्रशासन की कार्रवाई और शहर में परिचालन व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
Read More : संथाल में आजसू को मजबूत करने में जुटे सुदेश महतो, 27 प्रखंड प्रभारियों की घोषणा
मनमाने चालान से परेशान हैं ई-रिक्शा चालक
बैठक में चालकों ने आरोप लगाया कि यातायात प्रशासन की ओर से सड़क पर परिचालन के दौरान अचानक फोटो खींचकर 100 मीटर की दूरी के नियम का उल्लंघन बताकर उनके मोबाइल पर जुर्माने के मैसेज भेजे जा रहे हैं। चालकों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से वे परेशान हैं। यूनियन इस मामले में सुनवाई और मनमाने चालान पर रोक लगाने की मांग को लेकर यातायात एसपी से मुलाकात करेगा।
ई-रिक्शा के रूट पास और परमिट का मुद्दा उठाया
यूनियन अध्यक्ष दिनेश सोनी ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से ई-रिक्शा को रांची शहर से हटाने की योजना बनाए जाने की चर्चा है। यूनियन इस योजना का विरोध करता है। उन्होंने मांग की कि शहर में परिचालन करने वाले ई-रिक्शा चालकों को भी परिवहन विभाग और नगर निगम की ओर से व्यवस्थित तरीके से परमिट एवं रूट पास उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग के पास ऑटो चालकों को जारी किए गए परमिट का आंकड़ा उपलब्ध है। वहीं, रांची नगर निगम की ओर से ई-रिक्शा चालकों को रूट पास दिए जाते हैं। शहर में बड़ी संख्या में नए ई-रिक्शा भी आए हैं, लेकिन सभी को रूट पास नहीं मिल पाया है। दिनेश सोनी के अनुसार, ऑटो चालकों के परमिट और ई-रिक्शा चालकों के रूट पास को लेकर जिला प्रशासन की ओर से कई बार बैठकें हुई हैं, लेकिन इन बैठकों के बाद भी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। चालकों को अब भी परमिट दिखाने और 100 मीटर की दूरी के नियम का पालन करने की चेतावनी दी जाती है। उल्लंघन पर जुर्माना काटा जाता है।
वर्दी, पहचान पत्र और एक समान किराये की मांग
दिनेश सोनी ने कहा कि शहर के कई चौक-चौराहों पर लगे लाउडस्पीकर से वाहन खड़ा करने को लेकर लगातार चेतावनी दी जाती है। ऐसे में चालकों के बीच नियमों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने रांची शहर को सुरक्षित, स्वच्छ और जाम मुक्त बनाने के लिए सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए वर्दी अनिवार्य करने की मांग की। साथ ही प्रत्येक चालक के गले में पहचान पत्र और ऑटो-ई-रिक्शा में यात्रियों के लिए एक समान किराया व्यवस्था लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यूनियन और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या बदनामी की स्थिति पैदा न हो। यूनियन एक पंजीकृत संस्था है और प्रशासनिक अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। दोनों के सहयोग से ही शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर हो सकती है।
डीसी, एसपी और नगर आयुक्त के साथ संयुक्त बैठक की मांग
यूनियन अध्यक्ष दिनेश सोनी ने बताया कि झारखंड प्रदेश सीएनजी ऑटो चालक महासंघ के संस्थापक सह प्रदेश अध्यक्ष और रांची जिला ई-रिक्शा चालक यूनियन के अध्यक्ष के रूप में वे रांची के उपायुक्त, एसपी, यातायात एसपी, परिवहन आयुक्त और रांची नगर निगम के नगर आयुक्त के साथ संयुक्त बैठक की मांग करेंगे। इस बैठक में झारखंड प्रदेश सीएनजी ऑटो चालक महासंघ के प्रदेश पदाधिकारी और रांची जिला ऑटो चालक यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की समस्याओं का समाधान निकालना और शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। बैठक के दौरान रांची जिला ई-रिक्शा चालक यूनियन में पांच नए सदस्यों को सदस्यता भी दिलाई गई। इनके पद और पदाधिकारियों की घोषणा अगली बैठक में की जाएगी।



