रांची में डालसा का जागरूकता अभियान, 350 ग्रामीणों को मिली जानकारी

रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची की ओर से रविवार को महुआजारी पंचायत भवन और कानीजाड़ी गांव में महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 यानी POSH Act-2013 को लेकर डोर-टू-डोर विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों

डालसा

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची की ओर से रविवार को महुआजारी पंचायत भवन और कानीजाड़ी गांव में महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 यानी POSH Act-2013 को लेकर डोर-टू-डोर विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों को महिलाओं के अधिकार, कार्यस्थल पर सुरक्षा और शिकायतों के निवारण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

यह कार्यक्रम झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा, सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, झालसा की सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना तथा न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष डालसा, रांची, अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित 60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान (चरण-1) के तहत किया गया। यह अभियान 60 दिनों तक चलेगा।

महिलाओं की सुरक्षा पर दी कानूनी जानकारी

पीएलवी सुमन ठाकुर ने कहा कि महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए POSH Act-2013 के प्रावधानों के प्रति जागरूकता जरूरी है। उन्होंने बताया कि अधिनियम का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकना, निषिद्ध करना और शिकायतों का प्रभावी निवारण सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत महिलाओं को कार्यस्थल पर गरिमा और सम्मान के साथ काम करने का अधिकार प्राप्त है।

बच्चों को निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी

पीएलवी कालिन्दर गोप और हरिराम करमाली ने नालसा की ‘बच्चों के लिए बाल-अनुकूल कानूनी सेवाएं योजना-2024’ पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के सभी जरूरतमंद, पीड़ित या कानून से संघर्षरत बच्चों को 100 प्रतिशत निःशुल्क कानूनी सहायता पाने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि शारीरिक या मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों की जरूरतों के अनुरूप न्याय प्रणाली को सुलभ और बाधामुक्त बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं

डालसा टीम के सदस्यों ने डोर-टू-डोर अभियान के तहत घर-घर जाकर ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। टीम ने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक जानकारी भी दी।

इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धा पेंशन योजना, पीएम किसान योजना, पशुपालन शेड योजना, राशन कार्ड, सिंचाई मशीन और लेबर कार्ड से संबंधित आवेदन लिए गए। विधिक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान करीब 350 लोग जागरूक हुए और नालसा-झालसा की विभिन्न योजनाओं से रू-ब-रू हुए।

राष्ट्रीय लोक अदालत की दी जानकारी

डालसा की अलमा एक्का, पुनम देवी और पुष्पलता देवी ने आगामी 12 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी ग्रामीणों को दी। वहीं पीएलवी तालिब अंसारी, पम्मी देवी और सुजिता देवी ने बाल विवाह, बाल श्रम, दहेज प्रथा, डायन बिसाही और स्पॉन्सरशिप योजना के बारे में लोगों को जानकारी दी।

इस अवसर पर डालसा टीम की पीएलवी सुमन ठाकुर, कालिन्दर गोप, सुजिता देवी, पुनम देवी, फुलकुमारी देवी, तालिब अंसारी, हरिराम करमाली, पम्मी देवी, बेबी देवी और कानीजाड़ी गांव के ग्रामीण मौजूद थे।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *