रांची : श्री राम लला पूजा समिति, रांची इस वर्ष दुर्गा पूजा के लिए रांची जिला स्कूल परिसर में वाराणसी स्थित स्वर्वेद महामंदिर के प्रारूप पर भव्य पूजा पंडाल तैयार करेगी। समिति के तृतीय वर्ष में प्रवेश के मौके पर आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जबकि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि वाराणसी के उमरहा क्षेत्र में स्थित स्वर्वेद महामंदिर अपनी विशाल स्थापत्य शैली और आध्यात्मिक स्वरूप के लिए जाना जाता है। मंदिर का निर्माण दिसंबर 2004 में शुरू हुआ था और 18 दिसंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था।
उन्होंने बताया कि मंदिर आध्यात्मिक साधना, ध्यान, योग और अध्ययन का प्रमुख केंद्र है तथा इसका संबंध विहंगम योग परंपरा से है। समिति का उद्देश्य केवल पूजा पंडाल तैयार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना भी है।
लगातार तीसरे वर्ष अलग धार्मिक थीम
अशोक चौधरी ने बताया कि समिति ने वर्ष 2024 में श्री राम मंदिर के प्रारूप को पूजा पंडाल के रूप में प्रस्तुत किया था। उस दौरान झारखंड के अलावा विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने पंडाल का अवलोकन किया था।
वर्ष 2025 में रांची जिला स्कूल परिसर में गुजरात के भुज स्थित स्वामीनारायण मंदिर के प्रारूप को तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि समिति हर वर्ष धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े अलग-अलग भव्य प्रारूप श्रद्धालुओं के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है।
150 फीट चौड़ा और 100 फीट ऊंचा होगा पंडाल
समिति के महासचिव कुणाल अजवानी ने बताया कि इस वर्ष प्रस्तावित पूजा पंडाल की चौड़ाई करीब 150 फीट और ऊंचाई 100 फीट होगी। पंडाल के मध्य में बनाए जा रहे गर्भगृह की ऊंचाई करीब 30 फीट रखी गई है।
गर्भगृह में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। श्रद्धालुओं को यहां मां के दर्शन का अवसर मिलेगा। कुणाल अजवानी ने कहा कि पंडाल निर्माण में भव्यता के साथ कलात्मकता और आध्यात्मिक वातावरण का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी रहेगा जोर
बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अध्यक्ष अशोक चौधरी और महासचिव कुणाल अजवानी ने सभी सदस्यों से पूजा आयोजन को सफल बनाने के लिए तन, मन और धन से सहयोग करने का आह्वान किया।
समिति के अनुसार झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूजा पंडाल परिसर में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। दर्शन व्यवस्था और आयोजन को व्यवस्थित रखने के लिए सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी दी जाएंगी।
बैठक में कोषाध्यक्ष प्रकाश धेलिया, मनोज नरेड़ी, रवि प्रकाश टुन्ना, मुकेश अग्रवाल, राजू पोद्दार, विकास सिंह, निर्मल जालान, उमंग सुल्तानिया, प्रवीण सिंह, सुनील जायसवाल और दीपक पाठक सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव दिए।
इस दौरान कई नए सदस्यों ने समिति की आजीवन सदस्यता ग्रहण की, जबकि पुराने सदस्यों ने अपनी सदस्यता का नवीकरण कराया।
बैठक में ये सदस्य रहे मौजूद
बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने की। महासचिव कुणाल अजवानी और कोषाध्यक्ष प्रकाश धेलिया ने आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक का संचालन समिति के प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रवक्ता बादल सिंह ने किया।
इस अवसर पर धीरज तनेजा, सुमित कक्कड़, अनिल चौधरी, दीपक चौधरी, मनीष लोधा, अनिल गोयल, विजय चौधरी, शुभम मित्तल, बंटी चौधरी, राजीव सिंह, अमन प्रकाश, शुभम शर्मा, कृष्णा अग्रवाल, मनोज सिंघानिया, सोनू भारद्वाज, उमेश प्रसाद, कमलेश शर्मा, भावेन राठौर, प्रदीप कुमार, विवेक आर्य, प्रथम भाला, विवेक शर्मा और यश शर्मा सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य मौजूद थे।
समिति के अनुसार इस वर्ष रांची जिला स्कूल परिसर में बनने वाला पंडाल श्रद्धा, आध्यात्मिकता, संस्कृति और कला का संगम प्रस्तुत करेगा।



