जयराम महतो को चतरा कोर्ट से मिली जमानत, 2023 के मामले में थे आरोपी

चतरा : झारखंड के डुमरी से विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के सुप्रीमो जयराम कुमार महतो मंगलवार को चतरा व्यवहार न्यायालय पहुंचे। यहां उन्होंने वर्ष 2023 में बिना प्रशासनिक अनुमति के ‘बदलाव संकल्प महासभा’ आयोजित करने से जुड़े एक आपराधिक मामले में न्यायालय

जयराम महतो
डुमरी विधायक जयराम महतो

अपनी भाषा में पढ़ें

चतरा : झारखंड के डुमरी से विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के सुप्रीमो जयराम कुमार महतो मंगलवार को चतरा व्यवहार न्यायालय पहुंचे। यहां उन्होंने वर्ष 2023 में बिना प्रशासनिक अनुमति के ‘बदलाव संकल्प महासभा’ आयोजित करने से जुड़े एक आपराधिक मामले में न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर जमानत (Bail) हासिल की। जमानत मिलने के बाद न्यायालय परिसर के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया।

Read More : ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य में युवा शक्ति बनेगी प्रमुख भागीदार : संजय सेठ

क्या है पूरा मामला?

घटनाक्रम 27 अगस्त 2023 का है, जब चतरा के बाईपास रोड स्थित बाबा घाट मैदान में झारखंडी भाषा खतियानी संघर्ष समिति (JBKSS – जो अब JLKM बन चुकी है) की ओर से बदलाव संकल्प महासभा का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जयराम महतो शामिल हुए थे। तत्कालीन अंचलाधिकारी भागीरथ महतो की शिकायत पर चतरा सदर थाना में 1 सितंबर 2023 को कांड संख्या 273/23 के तहत जयराम महतो समेत 52 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि इस महासभा के आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन से कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।

जयराम महतो समेत चार लोगों को मिली जमानत

मंगलवार को इसी मामले में सुनवाई के दौरान जयराम महतो अपने सहयोगियों के साथ चतरा कोर्ट में पेश हुए। न्यायालय ने विधायक जयराम कुमार महतो के अलावा सूचित महतो, प्रेमलाल कुमार महतो और अमरू महतो को जमानत दे दी। इस मामले में कई अन्य आरोपी पहले ही जमानत ले चुके थे। इस दौरान JLKM के जिलाध्यक्ष कैलाश महतो, नेता सुबोध पासवान, सुनील कुमार, चंदन कुमार और मो. हसन सहित दर्जनों कार्यकर्ता कोर्ट परिसर में उपस्थित रहे।

किन-किन धाराओं के तहत दर्ज था मामला?

मामले में गैर-कानूनी जनसमूह में शामिल होने (धारा 143), साझा उद्देश्य के तहत अपराध करने (धारा 149), सदोष अवरोध (धारा 341), सदोष परिरोध (धारा 342), आपराधिक अतिचार (धारा 447), लोक सेवक के वैध आदेश की अवहेलना (धारा 188) और सार्वजनिक उपद्रव (धारा 290) के तहत प्राथमिकियां दर्ज की गई थीं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *