नई दिल्ली : देश को टीबी (क्षय रोग) मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नई दिल्ली में ‘पीएम-प्रगति’ के तहत एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा ने की। बैठक में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
Read More : रांची जन्माष्टमी महोत्सव में राज्यपाल संतोष गंगवार होंगे मुख्य अतिथि
अंतर-मंत्रालयी समन्वय और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण पर जोर
समीक्षा बैठक में ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अंतर-मंत्रालयी समन्वय को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर परिणामोन्मुखी कदम उठाने पर विस्तृत चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने टीबी की समय पर पहचान, व्यापक स्क्रीनिंग, रोकथाम और निरंतर जन-जागरूकता को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और सशक्त भारत के विजन को पूरा करने के लिए ‘संपूर्ण सरकार और संपूर्ण समाज’ (Whole of Government and Whole of Society) के दृष्टिकोण के साथ काम करना होगा।
MY Bharat और NCC कैडेट्स संभालेंगे जागरूकता की कमान
बैठक में निर्णय लिया गया कि जमीनी स्तर पर टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने और जनसंपर्क अभियान को गति देने के लिए ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) के स्वयंसेवकों तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, शैक्षणिक संस्थानों और कार्यस्थलों को भी इस राष्ट्रीय अभियान से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ा जाएगा।
कर्मचारियों और श्रमिकों की स्क्रीनिंग में ESIC की भूमिका
बैठक के दौरान असंगठित और संगठित क्षेत्रों के श्रमिकों के बीच टीबी की समय पर जांच और सहायता प्रदान करने में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया। इस उच्चस्तरीय बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, युवा कार्य विभाग के सचिव सुनील पालीवाल (आईएएस), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक व राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की महानिदेशक अराधना पटनायक, MY Bharat की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला और रक्षा मंत्रालय की अपर सचिव दीप्ति मोहिल चावला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




