पटना : पेपर लीक के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को पटना में छात्रों के राजभवन मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। छात्रों को जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग लगाकर रोका गया, लेकिन आगे बढ़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र मौके पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। करीब 20 मिनट बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ गए।
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डाकबंगला चौराहे पर फिर रोका गया मार्च
जेपी गोलंबर से आगे बढ़ने के बाद छात्र डाकबंगला चौराहे पहुंच गए, जहां पुलिस ने दोबारा बैरिकेडिंग कर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए। मौके पर वाटर कैनन और आंसू गैस के साथ पुलिस बल मौजूद रहा। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर बोतल और चप्पल फेंके जाने की भी जानकारी सामने आई। वहीं, पटना आईजी की एस्कॉर्ट गाड़ी पर हमला हुआ, जिसमें वाहन के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। आईजी ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के निर्देश दिए हैं।
सुबह गांधी मैदान से शुरू हुआ था मार्च
प्रदर्शनकारी छात्र सुबह करीब 10:30 बजे गांधी मैदान से राजभवन मार्च के लिए निकले थे। करीब 11 बजे पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर पर रोक दिया, जहां पहली झड़प हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए। बताया गया कि वहां 7 हजार से अधिक छात्र मौजूद थे।
छात्रों ने रखीं अपनी मांगें
प्रदर्शन में शामिल छात्रा मनीषा ने कहा कि NEET पेपर लीक, बिहार में AEDO परीक्षा पेपर लीक और TRE-4 की अधिसूचना जैसे मुद्दों को लेकर छात्र आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। पटना विश्वविद्यालय की छात्रा सबा अफरीन ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की मांगों का समर्थन करते हुए प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने एनटीए को समाप्त करने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की मांग भी उठाई।




