रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में दीक्षांत शुल्क पर बवाल, छात्रों का प्रदर्शन

रांची : झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय (JRSU) में दीक्षांत समारोह के नाम पर विद्यार्थियों से 2,100 रुपये शुल्क वसूले जाने का मामला गरमा गया है। शुल्क में हुई अप्रत्याशित बढ़ोतरी के खिलाफ आजसू (AJSU) छात्र संघ के नेतृत्व में दर्जनों विद्यार्थियों ने गुरुवार (3 सितंबर

रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय
झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय

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रांची : झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय (JRSU) में दीक्षांत समारोह के नाम पर विद्यार्थियों से 2,100 रुपये शुल्क वसूले जाने का मामला गरमा गया है। शुल्क में हुई अप्रत्याशित बढ़ोतरी के खिलाफ आजसू (AJSU) छात्र संघ के नेतृत्व में दर्जनों विद्यार्थियों ने गुरुवार (3 सितंबर 2026) को विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। छात्रों के उग्र प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए रांची जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भारी संख्या में पुलिस बल यूनिवर्सिटी गेट पर तैनात रहा।

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300 रुपये से सीधे 2,100 रुपये किया गया शुल्क

प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि इससे पूर्व दीक्षांत समारोह के लिए महज 300 से 600 रुपये तक फीस ली जाती थी। लेकिन इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के इसे बढ़ाकर सीधे 2,100 रुपये कर दिया है। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज लीविंग सर्टिफिकेट (CLC) और माइग्रेशन सर्टिफिकेट के नाम पर पहले से ही उनसे 900 रुपये वसूले जा रहे हैं। ऐसे में दीक्षांत समारोह के नाम पर 2,100 रुपये की अतिरिक्त राशि तय करना पूरी तरह से अनुचित और छात्रों पर आर्थिक बोझ डालने वाला कदम है।

शिक्षकों की योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की मांग

आंदोलन के दौरान आजसू छात्र संघ ने न केवल फीस वृद्धि का विरोध किया, बल्कि विश्वविद्यालय की आंतरिक कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। छात्र संघ ने राज्य सरकार से मांग की कि रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता, नियुक्ति प्रक्रिया, छात्रवृत्ति वितरण और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शी जांच कराई जाए।

आजसू छात्र संघ की मुख्य मांगें :

  • दीक्षांत समारोह का 2,100 रुपये का बढ़ा हुआ शुल्क तत्काल वापस लिया जाए या न्यूनतम किया जाए।

  • सीएलसी (CLC) और माइग्रेशन शुल्क की पुनर्समीक्षा की जाए।

  • विश्वविद्यालय में पठन-पाठन और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाया जाए।

  • शिक्षकों की नियुक्ति और योग्यता की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

  • विद्यार्थियों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक आर्थिक बोझ न डाला जाए।

आजसू छात्र संघ ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द ही बढ़े हुए शुल्क को वापस लेने का निर्णय नहीं लिया, तो इस आंदोलन को पूरे राज्य स्तर पर और अधिक उग्र किया जाएगा।

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