झारखंड-बंगाल सीमा पर वांटेड शूटर सुमित गुप्ता समेत दो गिरफ्तार

आसनसोल: पश्चिम बंगाल के आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट ने पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा पर कथित अवैध हथियारों की तस्करी के नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मिहिजाम का

सुमित गुप्ता समेत दो गिरफ्तार

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आसनसोल: पश्चिम बंगाल के आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट ने पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा पर कथित अवैध हथियारों की तस्करी के नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मिहिजाम का वांटेड शूटर सुमित गुप्ता भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, सुमित की झारखंड और पश्चिम बंगाल पुलिस को कई मामलों में तलाश थी।
नाकेबंदी के दौरान पकड़े गए दोनों आरोपी
पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की टीम ने सालानपुर थाना क्षेत्र के रूपनारायणपुर पुलिस फांड़ी अंतर्गत मालबहाल इलाके में नाकेबंदी की थी।
इसी दौरान बाइक से आ रहे दो संदिग्ध युवकों को पुलिस ने रोका। तलाशी लेने पर उनके पास से दो 7 एमएम सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, एक देसी कट्टा और 7 एमएम की मैगजीन बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जोड़बाड़ी, रूपनारायणपुर निवासी सुमित गुप्ता और न्यू मार्केट क्षेत्र निवासी आर्यन बाल्मीकि के रूप में हुई है।
कई मामलों में वांटेड रहा है सुमित
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सुमित गुप्ता के खिलाफ जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, वह जनवरी 2025 में कानगोई रेल फाटक के पास हुए लेफ्टी सिंह हत्याकांड और मार्च 2025 में विनय यादव पर हमले के मामले में भी वांछित रहा है।
पुलिस का दावा है कि जेल से बाहर आने के बाद भी सुमित कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा। मिहिजाम में पुलिस की कार्रवाई बढ़ने के बाद उसने रूपनारायणपुर निवासी आर्यन बाल्मीकि से संपर्क किया।
हथियारों की सप्लाई चेन खंगाल रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों पर सीमा क्षेत्र में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हथियार कहां से लाए गए थे और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। पुलिस हथियारों की कथित सप्लाई चेन, आरोपियों के संपर्क और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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