रांची : झारखंड पुलिस महकमे में उन पुलिसकर्मियों की अब बिल्कुल खैर नहीं है, जो अदालत में समय पर गवाही देने नहीं पहुंचते या फिर गवाही से बचते नजर आते हैं। पुलिस मुख्यालय ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी समीक्षा करने का फैसला किया गया है। डीजीपी कार्यालय की ओर से एक आधिकारिक पत्र जारी कर राज्य के सभी एसएसपी, एसपी और विभिन्न विशेष इकाइयों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
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अदालत में गवाही पर सख्ती
अक्सर अदालत के मामलों में यह देखा जाता है कि पुलिस अधिकारी या गवाह समय पर कोर्ट में उपस्थित नहीं होते हैं। इससे मुकदमों की सुनवाई में काफी देरी होती है और न्याय प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए झारखंड पुलिस सीपीएमएस (कोर्ट प्रोसेस मैनेजमेंट सिस्टम) एप्लीकेशन का उपयोग कर रही है, ताकि गवाहों और साक्ष्यों की कोर्ट में सही समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके। अब मुख्यालय यह देखना चाहता है कि जनवरी 2024 से अगस्त 2026 के बीच कितने पुलिसकर्मी अदालत में समय पर गवाही देने नहीं पहुंचे और उनके खिलाफ अब तक क्या-क्या दंडात्मक या प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
समीक्षा बैठक और निर्देश
आईजी (प्रोविजन) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस मामले पर 28 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। सभी जिलों और इकाइयों के एसएसपी-एसपी को यह निर्देश दिया गया है कि वे गवाही में शामिल न होने वाले पुलिसकर्मियों पर की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा एक तय फॉर्मेट में भरकर 24 घंटे के भीतर पुलिस मुख्यालय को भेजें। सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को अपडेटेड रिपोर्ट के साथ इस समीक्षा बैठक में ऑनलाइन उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है।




