ट्रंप ने ‘एयर फोर्स वन’ में भरी पहली उड़ान, कतर ने दिया था 400 मिलियन डॉलर का तोहफा

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नए ‘एयरफोर्स वन’ विमान से अपनी पहली उड़ान भरी। यह नया विमान दरअसल कतर द्वारा तोहफे में दिया गया एक बोइंग 747-800 जेट है, जिसकी कीमत करीब लगभग 3300 करोड़ रुपये है। इस विमान के रंग-रूप

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नए ‘एयरफोर्स वन’ विमान से अपनी पहली उड़ान भरी। यह नया विमान दरअसल कतर द्वारा तोहफे में दिया गया एक बोइंग 747-800 जेट है, जिसकी कीमत करीब लगभग 3300 करोड़ रुपये है।
इस विमान के रंग-रूप और डिजाइन में राष्ट्रपति ट्रंप की अपनी खास पसंद और स्टाइल की साफ झलक देखने को मिली। बता दें कि बुधवार को इस विमान ने अपनी पहली आधिकारिक उड़ान नॉर्थ डकोटा के लिए भरी, जहां ट्रंप थिओडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी देखने पहुंचे थे।
आसमान के नीले रंग की जगह अब दिखेगा ‘ट्रंप स्टाइल
इस नए विमान में अब ‘एयरफोर्स वन’ की पहचान बन चुका पुराना हल्का नीला रंग नजर नहीं आएगा, जो आसमान में विमान को छिपाने में मदद करता था। ट्रंप की पसंद के मुताबिक, इस नए विमान के निचले हिस्से को नेवी-ब्लू रंग से रंगा गया है, जिस पर लाल और सुनहरी धारियां बनी हैं। विमान के अंदर ऐशो-आराम का पूरा ध्यान रखा गया है। इसमें आलीशान कालीन, पूरी तरह सीधे होने वाले सोफे, शानदार वूडन पैनलिंग और सीट बेल्ट्स पर राष्ट्रपति की आधिकारिक सील लगाई गई है।

ट्रंप ने क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद पत्रकारों से बातचीत में इस पर गर्व जताते हुए कहा कि आपके पास दो रास्ते होते हैं, या तो आप चीजों को बहुत साधारण रखें, या फिर आप उसे शान से दिखाएं। मैंने दिखाने का फैसला किया।
नए विमानों के आने तक बनेगा ‘ब्रिज’
ध्यान देने वाली बात है कि यह विमान दरअसल एक ‘ब्रिज’ के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। कारण है कि पिछले 36 सालों से सेवा दे रहे पुराने एयरफोर्स वन विमान अब रिटायर होने वाले हैं, जबकि पूरी तरह से तैयार होने वाले दो नए विमानों की डिलीवरी में देरी हो रही है और वे 2028 से पहले नहीं मिल पाएंगे।

ऐसे में पिछले साल व्हाइट हाउस लौटते ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर की तरफ से तोहफे में दिए गए इस जेट का दौरा किया था और इसे जल्द से जल्द अपने इस्तेमाल के लिए तैयार करने के निर्देश भी दिए थे।
सुरक्षा को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?
बता दें कि कम समय में तैयार किए जाने के कारण इस विमान में कई बड़े बदलाव नहीं किए जा सके हैं। अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) द्वारा तस्वीरों की जांच में सामने आया है कि इस विमान में पुराने विमानों की तरह मिसाइल डिटेक्शन और सुरक्षात्मक प्रणालियां मौजूद नहीं हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें कम्यूनिकेशन एंटीना भी काफी कम हैं।

एविएशन एक्सपर्ट यिर्मयाह गर्टलर के मुताबिक ऐसा लगता है कि यह विमान केवल देश के भीतर उड़ानों के लिए ही सही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर आपको लंबी दूरी पर जाना हो तो आप बड़ी और पूरी तरह सुरक्षित गाड़ी निकालते हैं, लेकिन शहर में घूमने के लिए कम फीचर्स वाली गाड़ी से भी काम चल जाता है।

अमेरिकी वायुसेना का तर्क

हालांकि, अमेरिकी वायुसेना का कहना है कि सुरक्षा और गोपनीय कम्यूनिकेशन के मामले में कोई समझौता नहीं किया गया है, लेकिन कुछ बेहद जटिल बदलावों को जानबूझकर इस विमान से दूर रखा गया है। उदाहरण के लिए, इसके दरवाजों को चौड़ा नहीं किया गया है और न ही इसमें अतिरिक्त सीढ़ियां जोड़ी गई हैं।
नाटो सम्मेलन में इसी विमान से जाएंगे ट्रंप
दूसरी ओर इन सभी सुरक्षा चिंताओं के बावजूद, राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे अगले हफ्ते तुर्किए में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इसी विमान से उड़ान भरेंगे।

कतर का यह तोहफा विवादों में भी, कैसे?

गौरतलब है कि कतर से इतना महंगा विमान तोहफे में लेने पर नैतिक और कानूनी सवाल भी उठ रहे हैं। लेकिन ट्रंप ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि पुराने विमानों को बदलना बेहद जरूरी था और कतर एक ऐसा देश है जिसने अमेरिका के साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस विमान को किसी राष्ट्रपति पुस्तकालय का हिस्सा बना दिया जाएगा।

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