रांची : पूर्वी भारत के राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, अंतरराज्यीय अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से मंगलवार को पूर्वी क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हुई। ओड़िशा पुलिस मुख्यालय की मेजबानी में यह उच्चस्तरीय बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की जा रही है, जिसमें झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा और छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) समेत वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
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बैठक में विभिन्न राज्यों के बीच सुरक्षा संबंधी चुनौतियों, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। प्रत्येक राज्य को अलग-अलग विषयों पर प्रस्तुति देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
झारखंड पुलिस मुख्यालय ने जारी किए थे निर्देश
बैठक से पहले झारखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से संबंधित अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ शामिल होने के निर्देश दिए गए थे। झारखंड की ओर से आईजी अभियान, सीआईडी (संगठित अपराध), डीआईजी JAP, डीआईजी रेलवे, एसपी एसआईबी और एसपी स्पेशल ब्रांच बैठक में शामिल हो रहे हैं। बैठक में झारखंड के आईजी अभियान नरेन्द्र कुमार सिंह साइबर अपराध और राज्यों के बीच समन्वय से जुड़ी चुनौतियों पर प्रस्तुति देंगे।
इन अहम मुद्दों पर हो रहा मंथन
बैठक में सरेंडर कर चुके नक्सलियों की निगरानी, मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण, साइबर अपराध, राज्यों के बीच स्थानांतरित जीरो एफआईआर की ट्रैकिंग, अंतरराज्यीय रेलवे सुरक्षा समन्वय और अवैध अप्रवासियों की समस्या जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो रही है। इन विषयों पर अलग-अलग राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी अपनी प्रस्तुति देंगे। छत्तीसगढ़ की ओर से सरेंडर नक्सलियों की निगरानी, बिहार की ओर से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अंतरराज्यीय खुफिया साझेदारी, पश्चिम बंगाल की ओर से जीरो एफआईआर ट्रैकिंग, ओड़िशा की ओर से रेलवे सुरक्षा समन्वय और अवैध अप्रवासी समस्या पर प्रस्तुति दी जाएगी। इस बैठक का उद्देश्य पूर्वी राज्यों के बीच पुलिस समन्वय को और मजबूत बनाना तथा संगठित अपराध, साइबर अपराध और अन्य अंतरराज्यीय चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीति तैयार करना है।



