रांची : शहरवासियों को सुरक्षित, बेहतर और सुलभ स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार एवं नगर विकास एवं आवास विभाग ने बड़ी पहल की है। ‘स्वच्छ भारत मिशन 2.0’ के अंतर्गत रांची नगर निगम को विभिन्न श्रेणियों के शौचालयों और मूत्रालयों के निर्माण के लिए ₹43.25 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए राजधानी के विभिन्न इलाकों में आधुनिक स्वच्छता अवसंरचना (स्वच्छता इंफ्रास्ट्रक्चर) विकसित की जाएगी। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए बुधवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में निगम पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्थलों के चयन, कार्ययोजना और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई।
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बजट और शौचालय निर्माण का पूरा खाका
योजना के तहत शहर में नागरिकों और यात्रियों की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में टॉयलेट कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे:
व्यक्तिगत शौचालय : 250 व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण हेतु ₹75 लाख।
सामुदायिक शौचालय : 50 सामुदायिक शौचालयों के लिए ₹15.23 करोड़।
सार्वजनिक शौचालय : 65 सार्वजनिक शौचालयों के लिए ₹20.02 करोड़।
एस्पिरेशनल टॉयलेट : 20 आधुनिक एस्पिरेशनल टॉयलेट्स हेतु ₹6.09 करोड़।
मूत्रालय (Urinals) : 362 यूनिट मूत्रालयों के निर्माण हेतु ₹1.15 करोड़।
इन सभी निर्माण कार्यों पर कुल ₹43.25 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
15 अगस्त तक डिजाइन तैयार करने के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि सुलभ शौचालय केवल एक बुनियादी सुविधा नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के स्वास्थ्य, गरिमा और एक स्वच्छ शहर की पहचान से जुड़ा विषय है। उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिया कि जिन स्थानों का चयन हो चुका है, वहां अनुमोदित डिजाइन और निविदा (टेंडर) प्रक्रिया समेत सभी औपचारिकताएं तय समय-सीमा में पूरी की जाएं। नगर आयुक्त ने 15 अगस्त 2026 तक सभी प्रस्तावित स्थलों का भौतिक निरीक्षण कर अंतिम डिजाइन तैयार करने और काम शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता, सहायक लोक स्वास्थ्य पदाधिकारी और निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।



