निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली का शव फंदे से लटका मिला, हड़कंप

हरिद्वार : निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में मौत हो गई। उसका शव उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में चाय के खोखे के अंदर फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया

निठारी कांड
मृतक सुरेंद्र कोली (फाइल फोटो)

अपनी भाषा में पढ़ें

हरिद्वार : निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में मौत हो गई। उसका शव उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में चाय के खोखे के अंदर फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। करीब 19 साल जेल में रहने के बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े उसके अंतिम मामले में भी दोषमुक्त कर दिया था। इसके बाद उसे जेल से रिहा कर दिया गया था।

चार दिन पहले किराए पर ली थी चाय की दुकान

सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में अकेला रह रहा था। पड़ोसियों के मुताबिक, उसने करीब चार दिन पहले ही सड़क किनारे एक छोटी दुकान किराए पर ली थी और वहां चाय बेचने लगा था। मिली जानकारी के अनुसार दुकान के लिए उसने मालिक को कुछ महीनों का एडवांस भी दिया था। आसपास के लोगों के अनुसार, इन दिनों क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान चल रहा था और कोली को अपनी नई दुकान हटने की चिंता थी। पड़ोसियों ने आशंका जताई है कि दुकान जाने और एडवांस रकम फंसने की चिंता के कारण उसने यह कदम उठाया हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने अभी आत्महत्या की वजह की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।

2005-06 में सामने आया था निठारी कांड

नोएडा के निठारी इलाके में 2005-06 के दौरान बच्चों और महिलाओं के लापता होने के मामले सामने आए थे। 29 दिसंबर 2006 को सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी D-5 के पीछे नाले और आसपास से मानव अवशेष, खोपड़ियां, हड्डियां और कपड़े मिलने के बाद मामला देशभर में चर्चा में आया था। इसके बाद पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया। जनवरी 2007 में मामले की जांच CBI को सौंप दी गई थी। पुलिस ने 19 अलग-अलग FIR दर्ज की थीं और CBI ने इनमें से 16 मामलों में चार्जशीट दाखिल की थी।

13 मामलों में हुई थी मौत की सजा

निठारी मामले में सुरेंद्र कोली पर हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और सबूत मिटाने जैसे आरोप लगे थे। एक समय उसे 13 मामलों में मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2023 में निठारी से जुड़े 12 मामलों में उसे बरी कर दिया था। इसके बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम लंबित मामले में भी उसकी दोषसिद्धि को रद्द करते हुए उसे बरी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कोली को जेल से रिहा कर दिया गया था।

Read More : भारत में शुरू हुई iPhone 18 Pro की बिक्री, जानें EMI प्लान

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *