रांची/ रामगढ़। रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र स्थित चितरपुर गांगी जमुनी में सरसों तेल की संदिग्ध रिपैकेजिंग के मामले का खुलासा हुआ है.। फूड सेफ्टी विभाग ने बुधवार को एक जनरल स्टोर पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में रखे सरसों तेल और रिपैकेजिंग से जुड़े सामान की जांच की। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके से सरसों तेल का नमूना संग्रहित कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
आदर्श राज जनरल स्टोर में बड़े पैमाने पर सरसों तेल की रिपैकेजिंग
फूड सेफ्टी विभाग को सूचना मिली थी कि गांगी जमुनी स्थित आदर्श राज जनरल स्टोर में बड़े पैमाने पर सरसों तेल की रिपैकेजिंग की जा रही है। सूचना के आधार पर फूड सेफ्टी ऑफिसर डेरिक तिग्गा और लुकेश रब्बानी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कार्रवाई के दौरान रजरप्पा थाना के एसआई रंजीत महतो, अनिल सिंह और अशोक कुमार भी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों को दुकान पर पहुंचते देख वहां हड़कंप मच गया। इसके बाद टीम ने दुकान और गोदाम में रखे तेल के कार्टून, पैकेट और अन्य खाद्य सामग्री की गहन जांच की।
सरसों तेल का नमूना लेकर लैब भेजा गया है
फूड सेफ्टी ऑफिसर डेरिक तिग्गा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत हुआ कि बड़े पैक में मौजूद सरसों तेल को निकालकर दूसरे पैकेटों में भरने का काम किया जा रहा था। हालांकि, पूरे मामले की पुष्टि प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने बताया कि मौके से सरसों तेल का नमूना लेकर लैब भेजा गया है। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन या किसी प्रकार की मिलावट सामने आती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि संबंधित प्रतिष्ठान के पास फूड सेफ्टी विभाग का वैध लाइसेंस भी नहीं है। इस पर विभाग ने दुकानदार को नोटिस जारी करते हुए 30 दिनों के भीतर लाइसेंस बनवाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर लाइसेंस नहीं लेने पर जुर्माना लगाने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। छापेमारी के दौरान दुकान में रिपैकेजिंग मशीन और बड़ी मात्रा में तेल सहित अन्य खाद्य सामग्री के पैकेट भी मिले, जिनकी जांच जारी है।
फूड लाइसेंस बनवाने के नाम पर सक्रिय बिचौलियों से सावधान रहने की अपील
फूड सेफ्टी ऑफिसर डेरिक तिग्गा ने दुकानदारों से फूड लाइसेंस बनवाने के नाम पर सक्रिय बिचौलियों से सावधान रहने की अपील की. उन्होंने बताया कि विभाग को जानकारी मिली है कि कुछ लोग प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) का प्रमाणपत्र दिखाकर उसे ही फूड लाइसेंस बताकर दुकानदारों से पैसे वसूल रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि फूड सेफ्टी लाइसेंस केवल रामगढ़ सदर अस्पताल परिसर स्थित फूड एंड ड्रग भवन से ही जारी किया जाता है. दुकानदार किसी भी एजेंट या बिचौलिये के माध्यम से आवेदन करने के बजाय सीधे विभाग से संपर्क करें.




