रांची। टाटा स्टील वर्ष 2028 तक झारखंड में खासकर जमशेदपुर में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इससे लगभग दो हजार युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलगा। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य स्टील उत्पादन क्षमता का विस्तार करना और ग्रीन स्टील (पर्यावरण अनुकूल) तकनीक को अपनाना है
टाटा स्टील द्वारा कम कार्बन उत्सर्जन और ऊर्जा की बचत के लिए सात हजार करोड़ रुपये के निवेश से ‘ईजीमेल्ट’ और ‘हिसरना’ जैसी आधुनिक तकनीकें स्थापित की जाएंगी।
वहीं, 2600 करोड़ की लागत से टिनप्लेट डिवीजन का विस्तार किया जाएगा। 15 सौ करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक कांबी मिल परियोजना का निर्माण किया जाएगा। बताया जाता है कि इस निवेश के माध्यम से टाटा समूह झारखंड के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र कोमजबूत करने के साथ-साथ टिकाऊ और आधुनिक विनिर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
इन तीनों परियोजनाओं में से प्रत्येक से छह सौ से सात सौ तक नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कंपनी का लक्ष्य क्षमता विस्तार और कम कार्बन उत्सर्जन वाले इस्पात विनिर्माण के तरीकों को अपनाकर भारत में स्टील बनाने की क्षमता को मौजूदा के 2.73 करोड़ टन सालाना से बढ़ाकर चार करोड़ टन करना है।




