बिशुनपुर में झारखंड आंदोलनकारी अजीत तिग्गा की प्रतिमा का अनावरण

बिशुनपुर : झारखंड आंदोलन के पुरोधा अजीत तिग्गा की प्रतिमा का अनावरण शुक्रवार को बिशुनपुर के बनारी मिशन चौक के पास समारोहपूर्वक किया गया। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में प्रार्थना सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। इस

अजीत तिग्गा

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बिशुनपुर : झारखंड आंदोलन के पुरोधा अजीत तिग्गा की प्रतिमा का अनावरण शुक्रवार को बिशुनपुर के बनारी मिशन चौक के पास समारोहपूर्वक किया गया। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में प्रार्थना सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। इस दौरान आंदोलनकारियों ने अजीत तिग्गा के संघर्ष और योगदान को याद करते हुए उनके सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।

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कार्यक्रम की शुरुआत संत जोसेफ चर्च में मीसा प्रार्थना के साथ हुई। इसके बाद भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ‘झारखंड आंदोलन के अमर पुरोधा अजीत तिग्गा अमर रहें’, ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, अजीत तिग्गा तेरा नाम रहेगा’ और ‘अजीत तिग्गा के अरमानों को मंजिल तक पहुंचाना है’ जैसे नारे लगाए गए। वक्ताओं ने अजीत तिग्गा के संघर्षपूर्ण जीवन, उनके व्यक्तित्व और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

15 नवंबर को उलगुलान का नया इतिहास लिखने का ऐलान

कार्यक्रम में झारखंड आंदोलनकारी संदेश समाचार के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि अजीत तिग्गा के संघर्ष की बुनियाद पर 15 नवंबर 2026 को उलगुलान के माध्यम से क्रांति का नया इतिहास लिखना है। उन्होंने कहा कि झारखंड को शोषण मुक्त, समतामूलक और भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने का सपना अजीत तिग्गा ने देखा था। उनके सपनों को मंजिल तक पहुंचाने के लिए आंदोलनकारी संघर्ष जारी रखेंगे।

पुष्कर महतो ने झारखंड के रोजी-रोजगार और नौकरियों में यहां के युवाओं के संवैधानिक अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि झारखंड के एक-एक बेटे और बेटी को रोजगार एवं नौकरी में उनका पूरा संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। इस अधिकार को हासिल करने के लिए आंदोलनकारी हर स्तर पर संघर्ष करेंगे और जरूरत पड़ने पर शहादत देने के लिए भी तैयार हैं।

झारखंड की अस्मिता और पहचान की लड़ाई जारी रखने का संकल्प

मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो ने कहा कि झारखंड अलग राज्य की अस्मिता, अस्तित्व और पहचान के लिए शुरू हुआ संघर्ष कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रीमती रोजलीन तिर्की ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए अब अंतिम लड़ाई लड़ने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि सभी आंदोलनकारी 15 नवंबर 2026 को उलगुलान एक क्रांति का आगाज करेंगे।

इन लोगों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम का संचालन दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के प्रभारी अनथन लकड़ा ने किया। इस मौके पर रामनंदन साहू, सोमारी देवी, प्रकाश खलखो कोलेस्थान, मैथू लोहरा, ज्योति टोप्पो, विजय तिर्की, सुजात टोप्पो, भोला नाथ सिंह, हीरा प्रधान, छोटू अंसारी, राजदेव महाथा, ललित नारायण और रतिया इंदबार सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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