कोलकाता : भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली कप्तानों में शामिल सौरव गांगुली आज यानी 8 जुलाई को अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। 8 जुलाई 1972 को कोलकाता में जन्मे गांगुली को सिर्फ बेहतरीन बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की सोच और आत्मविश्वास बदलने वाले कप्तान के रूप में भी जाना जाता है।
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साल 2000 में मैच फिक्सिंग विवाद के बाद जब भारतीय क्रिकेट कठिन दौर से गुजर रहा था, तब सौरव गांगुली ने टीम की कमान संभाली। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने आक्रामक रवैया अपनाया और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी नई पहचान बनाई।
लॉर्ड्स से हुई ऐतिहासिक शुरुआत
सौरव गांगुली ने साल 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। अपने पहले ही टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 131 रन की शानदार शतकीय पारी खेलकर इतिहास रच दिया। इसके बाद ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में भी शतक लगाकर उन्होंने साबित कर दिया कि वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट के अहम खिलाड़ी रहने वाले हैं।
युवा खिलाड़ियों को दिया बड़ा मंच
कप्तान बनने के बाद गांगुली ने कई युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया। एमएस धोनी, युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, जहीर खान और आशीष नेहरा जैसे खिलाड़ियों को मिले मौके आगे चलकर भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद अहम साबित हुए। 13 जुलाई 2002 को नेटवेस्ट सीरीज जीतने के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में टी-शर्ट लहराकर जश्न मनाने का उनका अंदाज आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार पलों में गिना जाता है। इस घटना ने दुनिया को यह संदेश दिया कि नई टीम इंडिया अब किसी भी चुनौती से पीछे हटने वाली नहीं है।
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रिकॉर्ड्स, सम्मान और बायोपिक
सौरव गांगुली की कप्तानी में भारत ने 2003 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल तक का सफर तय किया। भले ही टीम खिताब नहीं जीत सकी, लेकिन इस प्रदर्शन ने भारत को विश्व क्रिकेट की मजबूत टीमों में शामिल कर दिया। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के प्रमुख आंकड़ों में 113 टेस्ट, 311 वनडे, 18,500 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन और 38 अंतरराष्ट्रीय शतक शामिल हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 7,000 से ज्यादा और वनडे में 11,000 से अधिक रन बनाए। वह वनडे में भारत के सबसे सफल कप्तानों में भी गिने जाते हैं।
सौरव गांगुली को 1997 में अर्जुन पुरस्कार, 2004 में पद्म श्री और 2013 में पश्चिम बंगाल सरकार के सर्वोच्च नागरिक सम्मान बंग विभूषण से सम्मानित किया गया। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वह 2019 से 2022 तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल में घरेलू क्रिकेट को मजबूत करने और कई महत्वपूर्ण फैसलों पर विशेष ध्यान दिया गया।
इस बीच, सौरव गांगुली के जीवन पर आधारित हिंदी बायोपिक ‘दादा – द सौरव गांगुली स्टोरी’ भी चर्चा में है। फिल्म में अभिनेता राजकुमार राव मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इसका निर्देशन विक्रमादित्य मोटवाने कर रहे हैं, जबकि निर्माण लव रंजन और अंकुर गर्ग कर रहे हैं। फिल्म की शूटिंग इस वर्ष अप्रैल में कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम सहित कई स्थानों पर शुरू हुई।




