रांची : झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम और आयोग के सदस्य वारिश कुरैशी ने झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार से मुलाकात कर राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति पर चर्चा की। इस दौरान रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री भी मौजूद रहे।
Read More : खूंटी में सड़क और पुल के अभाव की दर्दनाक तस्वीर, ग्रामीणों ने कंधे पर बैठाकर गर्भवती को पहुंचाया अस्पताल
शमशेर आलम ने बताया कि अल्पसंख्यक आयोग में आयोजित प्रेस वार्ता के बाद विशेष पुनरीक्षण कार्य में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त की सक्रियता के कारण अभियान की रफ्तार बढ़ी है और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भी इस पूरे कार्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि गणना प्रपत्र भरने में किसी प्रकार की शिकायत या गड़बड़ी न हो। उनके अनुसार, राज्य में लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।
रांची, कांके और हटिया में कार्य की समीक्षा
मुलाकात के दौरान रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को बताया कि रांची, कांके और हटिया विधानसभा क्षेत्रों में भी लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शेष कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा कर लिया जाएगा और किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से छूटने नहीं दिया जाएगा। शमशेर आलम ने कहा कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और उपायुक्त के साथ विस्तृत चर्चा के बाद उन्हें विश्वास है कि SIR का कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
BLO की भूमिका और आयोग की 8 मांगें
शमशेर आलम ने कहा कि कुछ BLO अपने दायित्वों के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं, जिससे उनकी भूमिका पर संदेह उत्पन्न होता है। इस पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आश्वासन दिया कि यदि ऐसी कोई शिकायत सामने आती है तो संबंधित BLO के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान आयोग की ओर से आठ मांगें भी रखी गईं। इनमें SIR की समय सीमा 29 जुलाई से बढ़ाकर 15 अगस्त करने, सभी BLO को घर-घर जाकर फॉर्म वितरित करने के निर्देश देने, सभी मतदाताओं तक जल्द फॉर्म पहुंचाने, आवेदन और दस्तावेज जमा करने के लिए पर्याप्त समय देने, BLO को प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने, किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित जांच के मतदाता सूची से नहीं हटाने, ग्रामीण, बुजुर्ग, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर मतदाताओं के लिए विशेष सहायता शिविर लगाने तथा दावों और आपत्तियों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण की व्यवस्था करने की मांग शामिल है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आयोग को आश्वस्त किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा तथा किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा और न ही किसी अवैध मतदाता का नाम सूची में जोड़ा जाएगा।




