खूंटी : झारखंड के खूंटी जिले से बुनियादी सुविधाओं की कमी की एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है। अड़की प्रखंड की तोड़ांग पंचायत के सावमरांगबेड़ा गांव में सड़क और पुल नहीं होने के कारण प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला को ग्रामीणों ने कंधे पर बैठाकर उफनती करकरी नदी पार कराई। इसके बाद महिला को अड़की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उसका सुरक्षित प्रसव कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार जच्चा और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
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रविवार को गांव निवासी सोमवारी देवी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। लगातार बारिश के कारण करकरी नदी उफान पर थी और गांव का संपर्क मुख्य सड़क से पूरी तरह कट गया था। एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में महिला के पति मांगूछाता नाग और गांव के अन्य लोगों ने उन्हें कंधे पर बैठाकर तेज बहाव के बीच नदी पार कर अस्पताल तक पहुंचाया।
अस्पताल में सुरक्षित हुआ प्रसव
अड़की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद प्रभारी चिकित्सक डॉ. निरुपमा लकड़ा की देखरेख में महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। ड्यूटी पर मौजूद डॉ. निपोलियन केरकेट्टा ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी स्थिति सामान्य है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों को शाम तक अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
हर बरसात में कट जाता है गांव का संपर्क
ग्रामीणों का कहना है कि सावमरांगबेड़ा गांव की यह समस्या वर्षों पुरानी है। करकरी नदी पर पुल नहीं होने के कारण हर बारिश में गांव का संपर्क बाहरी दुनिया से टूट जाता है। इससे बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुल और पक्की सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। तोड़ांग पंचायत के मुखिया मंसाय मुंडा ने भी कहा कि विधायक से लेकर जिला प्रशासन तक कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि जब तक करकरी नदी पर पुल और गांव तक सड़क का निर्माण नहीं होगा, तब तक हर बरसात में ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ेगी।




