रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) घोटाले में आरोपित वाणिज्यकर अधिकारियों सहित कुल 15 अधिकारियों को फिलहाल प्रोन्नति नहीं मिलेगी। प्रोन्नति समिति ने वाणिज्यकर विभाग और वित्त सेवा के उन अधिकारियों के प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया है, जिनके खिलाफ CBI की कार्रवाई या विभागीय जांच लंबित है।
read more : खूंटी में सड़क और पुल के अभाव की दर्दनाक तस्वीर, ग्रामीणों ने कंधे पर बैठाकर गर्भवती को पहुंचाया अस्पताल
हाल ही में हुई प्रोन्नति समिति की बैठक में विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्तावों पर विस्तार से विचार किया गया। समिति ने सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद 62 अधिकारियों में से केवल 47 अधिकारियों की प्रोन्नति को स्वीकृति दी, जबकि 15 अधिकारियों के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी गई।
किन अधिकारियों की प्रोन्नति रोकी गई
प्रोन्नति समिति के अनुसार, प्रोन्नति से वंचित किए गए 15 अधिकारियों में चार अधिकारी ऐसे हैं, जिनके खिलाफ JPSC घोटाले में CBI आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। इनके नाम कुंदन कुमार सिंह, मौसमी नागेश, शैलेष कुमार श्रीवास्तव और इंद्रजीत सिंह हैं। शेष 11 अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विभागीय कार्यवाही चल रही है। इसी आधार पर समिति ने उनके प्रोन्नति प्रस्तावों को भी स्वीकार नहीं किया।
CBI आरोपित अधिकारियों का मामला
CBI आरोपित अधिकारियों में कुंदन कुमार सिंह का संबंध झारखंड लोक सेवा आयोग के तत्कालीन सदस्य गोपाल प्रसाद सिंह से बताया जाता है। वहीं वाणिज्यकर अधिकारी मौसमी नागेश, आयोग के तत्कालीन सदस्य राधा गोविंद नागेश की बेटी हैं। राधा गोविंद नागेश न्यायिक सेवा के अधिकारी रहे हैं और लातेहार जिले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद तत्कालीन सरकार द्वारा झारखंड लोक सेवा आयोग का सदस्य नियुक्त किए गए थे। बताया जाता है कि उनका संबंध राज्य के एक राजनीतिज्ञ से भी रहा है।
62 प्रस्तावों में 47 को मिली मंजूरी
वाणिज्यकर विभाग ने कुल 62 अधिकारियों की प्रोन्नति का प्रस्ताव प्रोन्नति समिति को भेजा था। इनमें वाणिज्यकर अधिकारी से सहायक आयुक्त तथा सहायक आयुक्त से उपायुक्त वाणिज्यकर के पद पर पदोन्नति का प्रस्ताव शामिल था। समिति ने सभी मामलों की समीक्षा के बाद 47 अधिकारियों की प्रोन्नति को मंजूरी दे दी, जबकि JPSC घोटाले में आरोपित अधिकारियों और विभागीय जांच का सामना कर रहे अधिकारियों सहित कुल 15 अधिकारियों की प्रोन्नति पर रोक लगा दी।




