देवघर। विश्वप्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 के शुरू होने से पहले बाबा बैद्यनाथ मंदिर आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। बाबा मंदिर परिसर में कूपन कतार (वीआईपी/शीघ्रादर्शनम) और आम कतार को अलग-अलग रास्तों से संचालित करने के उद्देश्य से बन रहे नये ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो गया है। सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो तकनीकी जांच की औपचारिकता पूरी होते ही आगामी 15 जुलाई 2026 से इस बेहद हाईटेक और नई व्यवस्था के तहत भक्तों को जलार्पण कराया जाएगा।
अब टी-जंक्शन पर नहीं लगेगा जाम
बाबा मंदिर प्रभारी सह देवघर एसडीएम रवि कुमार ने इस नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक मंदिर के टी-जंक्शन से कूपन कतार और सामान्य कतार को एक साथ मिलाकर गर्भगृह की ओर ले जाया जाता था। रास्ता पतला होने के कारण जब दोनों लाइनें एक जगह मिलती थीं, तो भीड़ जाम हो जाती थी और भक्तों को घंटों बेकार खड़े रहना पड़ता था विशेष रूप से कूपन (शीघ्रादर्शनम टिकट) लेकर आने वाले भक्तों की ओर से इस जाम को लेकर कई बार मंदिर प्रशासन को लिखित शिकायतें भी मिली थीं। इसी समस्या के स्थायी समाधान और भीड़ का दबाव कम करने के लिए जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर इस नये ओवरब्रिज का निर्माण करवाया है
अलग रास्तों से बढ़ेंगी कतारें
एसडीएम ने नई व्यवस्था का रूट मैप समझाते हुए बताया कि अब कूपन लेकर आने वाले श्रद्धालु और सामान्य कतार के श्रद्धालु अलग-अलग रास्तों और ओवरब्रिज के माध्यम से आगे बढ़ेंगे। दोनों कतारों का मिलन केवल बाबा मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के समीप होगा। इस वजह से कतारें बिना रुके सुचारू रूप से लगातार आगे बढ़ती रहेंगी। इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि श्रद्धालु मात्र 2 से 5 मिनट के भीतर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना कर गर्भगृह से बाहर निकल सकेंगे।
15 जुलाई को खुल सकता है ओवरब्रिज
एसडीएम रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि ओवरब्रिज का ढांचागत काम पूरा हो चुका है, लेकिन सुरक्षा मानकों को देखते हुए अगले एक सप्ताह तक इसकी बारीकी से तकनीकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट पूरी तरह संतोषजनक और ग्रीन सिग्नल मिलने पर 15 जुलाई से इसे आम श्रद्धालुओं की सेवा में समर्पित कर दिया जाएगा। श्रावणी मेले के दौरान देवघर पहुंचने वाले लाखों कांवरियों के लिए यह नया ओवरब्रिज सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित दर्शन का सबसे बड़ा माध्यम बनेगा।




