नई दिल्ली/रांची : रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ ने गुरुवार को रांची स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और कथित हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति जताने का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी राजनीतिक दल के कार्यालय का घेराव कर टकराव और अराजकता का माहौल बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
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संजय सेठ ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के कथित षड्यंत्र और हिंसक मंसूबों को विफल कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को किसी विषय पर सरकार से शिकायत है तो उसके लिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध हैं, लेकिन कांग्रेस ने संवाद के बजाय उग्र राजनीति का रास्ता चुना है।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना
संजय सेठ ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पूरे देश में टकराव और अराजकता की राजनीति को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, रांची की घटना भी इसी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि देश की जनता कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
JPSC और युवाओं के मुद्दे का भी किया जिक्र
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश कांग्रेस “चोर मचाए शोर” की तर्ज पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भाजपा पर आरोप लगाने के बजाय राज्य सरकार, जेपीएससी और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवा न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस उनका साथ देने के बजाय भाजपा को निशाना बना रही है। इससे यह संदेश जाता है कि कांग्रेस युवाओं के साथ हुए अन्याय और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गंभीर नहीं है।
लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का दावा
संजय सेठ ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए, लेकिन हिंसा, अराजकता और राजनीतिक टकराव की संस्कृति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान और शांतिपूर्ण राजनीतिक परंपराओं के प्रति प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की हिंसक और अलोकतांत्रिक राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से सामना करती रहेगी।



