रांची : रांची महिला महाविद्यालय का 76वां स्थापना दिवस गुरुवार को प्राचार्या डॉ. विनीता सिंह के नेतृत्व में गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महुआ माजी और रांची विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजकुमार शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
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कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत, दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रीय गीत और महाविद्यालय के कुलगीत के साथ हुई। प्राचार्या डॉ. विनीता सिंह ने अपने स्वागत भाषण में महाविद्यालय की 76 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
छात्राओं को नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
राज्यसभा सांसद डॉ. महुआ माजी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि संवेदनशील, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तथा सक्षम नेतृत्व तैयार करना है। उन्होंने छात्राओं से आत्मविश्वास, सामाजिक सरोकार और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। रांची विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजकुमार शर्मा ने छात्राओं को ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।
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पत्रिका और पुस्तक का हुआ लोकार्पण
समारोह के दौरान महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘चयनिका’ का विमोचन किया गया, जिसका परिचय डॉ. मनु भारती ने दिया। इसके साथ ही हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. कुमारी उर्वशी द्वारा लिखित पुस्तक ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ का भी लोकार्पण हुआ। यह पुस्तक आदिकाल से आधुनिक काल तक हिंदी साहित्य के विकास, प्रमुख प्रवृत्तियों और रचनाकारों का शोधपरक एवं सरल विश्लेषण प्रस्तुत करती है, जो यूजी, पीजी, शोधार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी मानी गई।
‘शिक्षा से नेतृत्व तक’ विषय पर हुई सार्थक चर्चा
कार्यक्रम में ‘शिक्षा से नेतृत्व तक’ विषय पर संवाद सत्र आयोजित किया गया। चर्चा में महिलाओं की शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने और महिला सशक्तीकरण की दिशा में शिक्षा की भूमिका पर विचार-विमर्श हुआ। छात्राओं ने भी विशेषज्ञों से सवाल-जवाब कर अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रज्ञा गुप्ता, श्रीमती रोहिता विकास और डॉ. नीलिमा रोज कुल्लू ने संयुक्त रूप से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. रेणु कुमारी ने दिया। राष्ट्रीय गान के साथ समारोह का समापन हुआ।
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