दुमका : हंसडीहा थाना क्षेत्र में पुलिस ने हथियार निर्माण से जुड़े एक संदिग्ध ठिकाने का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वरीय पदाधिकारी से मिली सूचना के आधार पर गठित विशेष छापेमारी टीम ने रामगढ़ मोड़, मौजा सिलठा स्थित एक पक्के मकान में छापेमारी की।पुलिस के अनुसार, मकान के दो अलग-अलग कमरों से हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली बड़ी लेथ मशीन, मिलिंग मशीन, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन समेत कुल 55 प्रकार के सामान बरामद किए गए हैं।पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई 9 सितंबर 2026 को की गई। हंसडीहा प्रभाग की पुलिस निरीक्षक प्रियंका आनंद के नेतृत्व में हंसडीहा, रामगढ़ और जामा थाना की पुलिस टीम ने सशस्त्र बल एवं तकनीकी शाखा के कर्मियों के साथ मिलकर छापेमारी की।
लेथ मशीन से लेकर पिस्टल के आकार के लोहे के हिस्से बरामद
छापेमारी के दौरान एक बड़ी लेथ मशीन, मिलिंग मशीन, दो अलग-अलग प्रकार की ड्रिल मशीन, मोटर, कट-ऑफ मशीन, एंगल ग्राइंडर, इन्वर्टर वेल्डिंग मशीन, लोहे के विभिन्न ब्लॉक, ड्रिल बिट, टूल्स, रेती, हथौड़ी, छेनी और वर्नियर कैलिपर समेत बड़ी संख्या में मशीनरी एवं उपकरण बरामद किए गए।पुलिस की जब्ती सूची में पिस्टल स्लाइड, पिस्टल ग्रिप और पिस्टल बैरल के आकार के लोहे के कटे हुए हिस्से भी शामिल हैं। इसके अलावा पिस्टल मैगजीन के आकार का लोहे का हिस्सा और पिस्टल के आकार की सनमाइका संरचना बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
मामले में प्राथमिकी दर्ज करते हुए पुलिस ने अक्षय कुमार (करीब 25 वर्ष), पिता दीपक मरिक को उसके घर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।वहीं, प्राथमिकी में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
छापेमारी टीम में हंसडीहा प्रभाग की पुलिस निरीक्षक प्रियंका आनंद, हंसडीहा थाना प्रभारी पु०अ०नि० अजीत कुमार यादव, जामा थाना प्रभारी अजीत कुमार, रामगढ़ थाना प्रभारी मनीष कुमार, दिलीप हांसदा, दुमका जिला तकनीकी शाखा के कर्मी तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध हथियार निर्माण से जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच तेज हो गई है। अब पुलिस बरामद सामान के इस्तेमाल, इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों और हथियार निर्माण से संबंधित संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।





