शिक्षक नियुक्ति मामले में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी सख्त, सरकार के डेटा पर 1 अगस्त तक मांगी आपत्तियां
रांची। शिक्षक नियुक्ति (स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016) मामले की सुनवाई कर रही फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने राज्य सरकार से उपलब्ध कराए गए नियुक्ति संबंधी विस्तृत डेटा पर याचिकाकर्ताओं की ओर से 1 अगस्त तक आपत्तियां दाखिल करने को कहा है। शनिवार को कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश गौतम कुमार चौधरी ने ऑनलाइन सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया. सुनवाई में राज्य सरकार ने नियुक्त अभ्यर्थियों से संबंधित विस्तृत डेटा की सॉफ्ट कॉपी कमेटी को उपलब्ध कराई. इस पर कमेटी ने याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को डेटा का परीक्षण कर अपनी आपत्तियां 1 अगस्त तक दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई भी 1 अगस्त को होगी।
कमेटी ने पिछली सुनवाई में सरकार को निर्देश दिया था कि नियुक्ति से संबंधित जानकारी एक साथ समेकित रूप में नहीं, बल्कि विषयवार, श्रेणीवार और अभ्यर्थीवार अलग-अलग उपलब्ध कराई जाए. साथ ही नियुक्त सभी अभ्यर्थियों का परिणाम विषयवार एवं कैटेगरीवार प्रस्तुत करने को भी कहा था। इसके अलावा कमेटी ने राज्य सरकार से 18 सितंबर 2019 से 2 अगस्त 2022 के बीच हुई नियुक्तियों का पूरा विवरण मांगा है. सरकार से यह भी पूछा गया है कि स्वीकृत 17,786 पदों में अब तक कितनी नियुक्तियां हो चुकी हैं और कितने पद अभी रिक्त हैं।
सुनवाई के दौरान माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद उपस्थित रहे
कमेटी ने यह भी निर्देश दिया कि नियुक्त अभ्यर्थियों से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज, जैसे नियुक्ति आदेश, विषयवार एवं श्रेणीवार अंक तथा जिलावार मेरिट सूची भी प्रस्तुत की जाए. सुनवाई के दौरान माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद उपस्थित रहे. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता, राजेश कुमार, अमृतांश वत्स सहित अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा. गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने मीना कुमारी एवं अन्य की याचिका पर फैसला सुनाते हुए शिक्षक नियुक्ति मामले की जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया था और तीन माह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।




