निशिकांत दुबे का दावा, कोयले पर ₹1500 तक सेस से झारखंड को नुकसान

देवघर : देवघर में खनन रॉयल्टी और सेस के मुद्दे को लेकर झारखंड में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि कोयले पर अत्यधिक सेस वसूलने की राज्य

निशिकांत दुबे

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देवघर : देवघर में खनन रॉयल्टी और सेस के मुद्दे को लेकर झारखंड में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि कोयले पर अत्यधिक सेस वसूलने की राज्य सरकार की नीति से झारखंड को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार इस मुद्दे पर आंदोलन का रास्ता चुनती है, तो इसका सीधा और गंभीर असर राज्य के राजस्व पर पड़ेगा।

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‘कोयले पर ₹1200 से ₹1500 प्रति टन सेस का आरोप’

निशिकांत दुबे ने MMDR (Mines and Minerals Development and Regulation) Amendment Bill 2026 का हवाला देते हुए कहा कि मेजर मिनरल्स से जुड़े अधिकार केंद्र सरकार के पास निहित हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्यों को रॉयल्टी मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार वर्तमान में कोयले पर 1200 से 1500 रुपये प्रति टन तक अतिरिक्त सेस वसूल रही है। दुबे ने दावा किया कि यदि अत्यधिक टैक्स के कारण झारखंड का कोयला महंगा हो जाता है, तो उद्योगपति और खरीदार ओडिशा या छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों की ओर रुख कर लेंगे, जहां सस्ता कोयला उपलब्ध है। इससे राज्य में खनन क्षेत्र और उससे जुड़े रोजगार पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ेगा।

2070 तक नेट जीरो लक्ष्य और पलायन का मुद्दा

सांसद ने झारखंड सरकार पर भ्रष्टाचार और पारदर्शी नीति न अपनाने के आरोप भी लगाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2070 तक ‘नेट जीरो’ (जीरो कार्बन उत्सर्जन) के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नए केंद्रीय कानूनों का उद्देश्य खनन क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशना, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और पलायन को रोकना है।

‘आंदोलन किया तो बंद हो सकते हैं रॉयल्टी और सेस’

निशिकांत दुबे ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हेमंत सरकार ने इस विषय पर आंदोलन की राह पकड़ी, तो रॉयल्टी और सेस दोनों प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर राजस्व का यह जरिया बंद हुआ, तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जनता को क्या जवाब देंगे? दुबे ने कहा कि ऐसी स्थिति में सरकार के पास झारखंड वासियों को “कंगाल करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।” फिलहाल, भाजपा सांसद द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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