श्रीलंका में भारत की लोकप्रियता बढ़ी, 79% लोगों की राय सकारात्मक

प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे में श्रीलंका भारत के प्रति सबसे सकारात्मक धारणा वाला देश बना, 79 फीसदी लोगों ने भारत के पक्ष में राय दी।

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कोलंबो, श्रीलंका: भारत को लेकर दुनियाभर में सकारात्मक धारणा के बीच श्रीलंका सबसे आगे रहा है। प्यू रिसर्च सेंटर के नए सर्वे के मुताबिक, 36 देशों में किए गए अध्ययन में श्रीलंका के लोगों ने भारत के प्रति सबसे सकारात्मक राय व्यक्त की है। यहां 79 फीसदी लोगों ने भारत के बारे में अच्छी राय जताई, जबकि केवल 11 फीसदी लोगों की धारणा नकारात्मक रही। न्यूजवायर लंका के अनुसार, सर्वे में करीब 63 फीसदी श्रीलंकाई लोगों ने भारत को अपने देश के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार माना। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि भारत को लेकर श्रीलंका की सकारात्मक सोच 2024 की तुलना में काफी बढ़ी है। उस समय 65 फीसदी लोगों ने भारत के प्रति अच्छी राय जताई थी। यह सर्वे इस साल फरवरी से मई के बीच किया गया, जिसमें 42,000 से अधिक लोगों को शामिल किया गया। सभी सर्वे किए गए देशों में औसतन 45 फीसदी लोगों ने भारत के बारे में सकारात्मक राय व्यक्त की।

आर्थिक संकट के दौरान भारत की मदद का असर

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत होते संबंधों के बीच भारत को लेकर सकारात्मक धारणा में यह बढ़ोतरी देखने को मिली है। वर्ष 2022 में श्रीलंका गंभीर आर्थिक संकट और बड़े पैमाने पर अशांति से जूझ रहा था। उस दौरान भारत ने पड़ोसी देश को बड़ी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई थी। भारत की मदद में 7.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की क्रेडिट लाइन और वित्तीय सहायता शामिल थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सहयोग ने हाल के वर्षों में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

श्रीलंका के सभी 25 जिलों तक पहुंची विकास साझेदारी

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के अनुसार, श्रीलंका में भारत की विकास साझेदारी से जुड़े प्रोजेक्ट 7.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के हैं और देश के सभी 25 जिलों में फैले हुए हैं। इसमें 850 मिलियन डॉलर से अधिक की अनुदान सहायता भी शामिल है। इन परियोजनाओं का असर आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रेलवे, ऊर्जा और आजीविका जैसे क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। भारतीय उच्चायोग के मुताबिक, लोगों पर केंद्रित विकास साझेदारी दोनों देशों के संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। भारत की ओर से संचालित परियोजनाएं श्रीलंका सरकार और स्थानीय लोगों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं। इनके पारदर्शी क्रियान्वयन और स्थानीय सामग्री तथा स्थानीय श्रम के इस्तेमाल की भी सराहना हुई है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को समर्थन मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।

भारत की विकास साझेदारी में क्षमता निर्माण, मानव संसाधन विकास और कमजोर वर्गों के उत्थान के अलावा बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्र भी शामिल हैं। आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास, आजीविका सहायता और परिवहन जैसी जरूरतों पर भी इन परियोजनाओं के जरिए काम किया जा रहा है।

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