रांची : रांची नगर निगम ने अपने स्वामित्व वाले अनुपयोगी और कंडम वाहनों के वैज्ञानिक एवं पारदर्शी निस्तारण की दिशा में बड़ी पहल की है। निगम परिसरों में वर्षों से खड़े बेकार वाहनों को नीलाम कर स्क्रैप करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अनुपयोगी वाहनों का सुरक्षित निस्तारण कर निगम परिसरों में खाली जगह का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करना है।
Read More : रांची के नए सिविल सर्जन बने डॉ. अमरेंद्र प्रसाद, संभाला पदभार
लॉटरी प्रक्रिया के जरिए चार एजेंसियों का चयन
कंडम वाहनों के स्क्रैपिंग कार्य के लिए आमंत्रित निविदा के बाद पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया अपनाई गई। इसके माध्यम से कुल चार एजेंसियों का चयन किया गया है, जिनमें मेसर्स पाइनव्यू रिसाइक्लर्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स भारत वेस्ट मैनेजमेंट, मेसर्स ग्रैंड ग्लोबल और मेसर्स आशा ट्रेडर शामिल हैं।
किसे मिला कौन सा काम?
आवंटित कार्य विवरण के अनुसार, मेसर्स पाइनव्यू रिसाइक्लर्स प्राइवेट लिमिटेड को 17 कंडम स्वराज माजदा बसों को स्क्रैप करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं मेसर्स भारत वेस्ट मैनेजमेंट को 52 कंडम टाटा ऐस (छोटा हाथी) वाहनों और मेसर्स ग्रैंड ग्लोबल को 36 अन्य प्रकार के कंडम वाहनों के स्क्रैपिंग का काम मिला है।
इसके अलावा, मेसर्स आशा ट्रेडर को निगम के अन्य लोहा-लक्कड़ व स्क्रैप मटेरियल के निस्तारण का कार्य आवंटित किया गया है।
पर्यावरणीय मानकों का रखा जाएगा ध्यान
रांची नगर निगम ने सभी चयनित एजेंसियों को निर्धारित मानकों और तय समय-सीमा के भीतर स्क्रैपिंग कार्य पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है। निगम प्रशासन पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी करेगा, ताकि स्क्रैपिंग का काम सुरक्षित, पारदर्शी और पर्यावरणीय मानकों के अनुकूल संपन्न हो सके।
नगर निगम प्रशासन का मानना है कि कंडम वाहनों का समयबद्ध निष्पादन परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाएगा।




