लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर रहे आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य और उनकी जिम्मेदारी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। मायावती ने स्पष्ट किया है कि यदि आकाश आनंद के ससुर और बसपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा छोड़कर राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेते हैं, तो पार्टी आकाश आनंद को उनकी पुरानी जिम्मेदारियां वापस सौंपने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकती है।
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‘पारिवारिक स्वार्थ से ऊपर उठकर फैसला लें अशोक सिद्धार्थ’
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अपनी विस्तृत पोस्ट में मायावती ने लिखा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव बेहद नजदीक हैं। ये राज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बहुजन मूवमेंट और शोषितों को शासक वर्ग बनाने के संकल्प के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब बहुजन समाज को आरक्षण जैसे मुद्दों पर कड़े राजनीतिक और सामाजिक चैलेंजों का सामना करना पड़ रहा है, तब पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निजी या पारिवारिक स्वार्थ से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।
ससुर के निजी स्वार्थ के कारण आकाश आनंद को भुगतना पड़ा खामियाजा
मायावती ने पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें सुधरने का एक नहीं बल्कि कई मौके दिए। हालांकि, उन्होंने बहुजन मिशन से अधिक अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक स्वार्थों को प्राथमिकता दी। बसपा सुप्रीमो के अनुसार, अशोक सिद्धार्थ के इसी आचरण का खामियाजा न सिर्फ उन्हें बल्कि उनके दामाद आकाश आनंद को भी भुगतना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ ने बहुजन मूवमेंट और आकाश आनंद के करियर के लिए जैसा त्याग-तपस्या की मिसाल पेश करनी चाहिए थी, उन्होंने उसके ठीक उलट काम किया।
राजनीति से संन्यास लेने पर ही स्वतंत्र होकर काम कर पाएंगे आकाश आनंद
बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी, मूवमेंट, अपने परिवार और दामाद के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अशोक सिद्धार्थ के पास अभी भी सुधरने का मौका है। वे तुरंत अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को त्यागकर संन्यास का ऐलान करें। मायावती के मुताबिक, अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से हटने के बाद ही आकाश आनंद बिना किसी दबाव के स्वतंत्र होकर पार्टी के लिए काम कर सकेंगे। ऐसा होने पर ही बसपा का शीर्ष नेतृत्व आकाश आनंद की सक्रिय भूमिका और जिम्मेदारियों की बहाली पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा।






