रांची : गांव के छोटे-मोटे विवाद कोर्ट तक न जाएं और आपसी बातचीत से ही सुलझ जाएं, इसी मकसद से जिला विधिक सेवा प्राधिकार यानी डालसा ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। आज यानी बुधवार को महुआजाड़ी पंचायत भवन और महुआजाड़ी गांव में डालसा की टीम ने घर-घर जाकर लोगों को सामुदायिक मध्यस्थता के बारे में जानकारी दी। यह कार्यक्रम नालसा की ओर से चलाए जा रहे ‘सामुदायिक मध्यस्थता’ पर 60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान के तहत किया गया।
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झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सह कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश, झालसा की सदस्य सचिव रंजना अस्थाना और रांची के न्यायायुक्त सह अध्यक्ष डालसा अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान की जिम्मेदारी डालसा सचिव के नेतृत्व में टीम को दी गई है। अभियान का पहला चरण 60 दिनों तक चलेगा।
गांव में ही विवाद सुलझाने पर जोर
डालसा टीम के पीएलवी कालिन्दर गोप ने ग्रामीणों को बताया कि ‘सामुदायिक मध्यस्थता: एक मुकदमा-मुक्त ग्रामीण भारत की ओर-2026’ के तहत ग्रामीण इलाकों में विवादों को शुरुआत में ही आपसी बातचीत से सुलझाने की कोशिश की जा रही है। इस पहल का मकसद गांवों में मुकदमों का बोझ कम करना और लोगों के बीच आपसी भाईचारा बनाए रखना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों और दूसरी सामुदायिक संस्थाओं को भी विवाद सुलझाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
घर-घर पहुंची डालसा की टीम
डालसा की टीम कानीजाड़ी गांव में भी घर-घर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा और उनकी बातें सुनीं। साथ ही समस्याओं के समाधान में मदद करने की बात कही गई। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड, सिंचाई मशीन और लेबर कार्ड से जुड़े आवेदन भी मौके पर लिए गए। डालसा के मुताबिक, इस अभियान से करीब 350 लोग जागरूक हुए और योजनाओं से लाभान्वित हुए। कार्यक्रम के दौरान पीएलवी कालिन्दर गोप के साथ महुआजाड़ी पंचायत भवन और गांव के ग्रामीण मौजूद रहे।




